महिला थाना पुलिस की पहलः 5 नन्हे कदमों को दिलाया प्रवेशः दिखाई मानवता

हाथरस  जहां संवेदनाएं कर्तव्य से जुड़ जाती हैं, वहां पुलिस केवल कानून की रक्षक नहीं बल्कि समाज के भविष्य की निर्माता बन जाती है और नन्हे कदमों को शिक्षा की राह दिखाकर पुलिस की नव नियुक्त महिला रिक्रूट आरक्षियों ने मानवता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।
आज एक भावुक एवं प्रेरणादायी पहल के अंतर्गत महिला थानाध्यक्ष रितु तोमर के नेतृत्व में थाने पर नव नियुक्त महिला आरक्षी राधिका एवं महिला आरक्षी इच्छिता द्वारा स्वप्रेरणा से घुमंतू परिवार से संबंधित आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के 5 बच्चों का विद्यालय में प्रवेश कराया गया है। इस दौरान कु. मोहिनी पुत्री श्रीमती राजकुमारी को वी.सी. झूरिया विद्यालय तथा कु. काजल पुत्री महेंद्र, गुड़िया पुत्री महेंद्र को प्राथमिक विद्यालय गिजरौली एवं पिंकी पुत्री महेंद्र व सनी पुत्र महेंद्र को उच्च प्राथमिक विद्यालय गिजरौली में विधिवत प्रवेश दिलाया गया।साथ ही बच्चों को पुस्तकें, कॉपियां, स्कूली ड्रेस एवं अन्य आवश्यक शैक्षिक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। बच्चों के माता-पिता की आंखों में खुशी और संतोष साफ दिखाई दी। अभिभावकों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर थानाध्यक्ष महिला थाना रितु तोमर ने बताया कि नव नियुक्त महिला आरक्षी राधिका एवं इच्छिता ने प्रशिक्षण अवधि के दौरान समाज के वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का संकल्प लिया था। इसी भावना के तहत दोनों महिला आरक्षियों ने स्वयं आगे बढ़कर घुमंतू परिवारों से संपर्क किया, अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया तथा बच्चों के विद्यालय में प्रवेश की पूरी प्रक्रिया को व्यक्तिगत रूप से संपन्न कराया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा द्वारा महिला थाना टीम के इस सराहनीय एवं मानवीय कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा गया कि पुलिस का दायित्व केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि समाज के जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना भी है। बच्चों को शिक्षा से जोड़ना समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने टीम को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी एवं संवेदनशील कार्य करने हेतु प्रेरित किया है।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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