भारतीय किसान यूनियन केे पदाधिकारियों ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सासनी तहसील परिसर में जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने देश के प्रधानमंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित जिलाधिकारी हाथरस के नाम संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार सासनी को सौंपा।
शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) की सासनी तहसील इकाई के अध्यक्ष डॉ. उमाशंकर सागर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान तहसील परिसर में एकत्रित हुए। यहाँ आयोजित पंचायत में किसानों की समस्याओं पर गंभीर चर्चा की गई। पंचायत का संचालन चैधरी हरपाल सिंह एडवोकेट ने किया। पंचायत में बोलते हुए वक्ताओं ने कहा कि कोल्ड स्टोरेज में आलू सड़ जाने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। इसके बावजूद सरकार द्वारा केवल 500 रुपये प्रति कुंतल की दर से राहत राशि दी जा रही है, जो कि अपर्याप्त है। किसानों ने इसे सरकार का श्किसान विरोधीश् चेहरा करार दिया। चेताया गया कि अगर किसानों की समस्याओं का जल्द निराकरण नहीं हुआ, तो उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में किसान भाजपा को वोट नहीं देंगे। पंचायत के बाद किसानों ने तहसीलदार सासनी को ज्ञापन सौंपकर कोल्ड स्टोरेज में आलू सड़ने की जाँच कराने तथा बिजली संशोधन विधेयक वापस लिया जाए। ज्ञापन में कहा है कि किसानों की फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाया जाए तथा किसानों का कर्ज माफ किया जाए। अलीगढ़ से आगरा एक्सप्रेस-वे, जो हाथरस से गुजरता है, पर अधूरे पड़े रेलवे ओवरब्रिज का कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए। सासनी के विधिपट्ट पर उतरकर बनाया जाए। सासनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 11 वर्षों से तैनात चतुर सिंह का तत्काल स्थानांतरण किया जाए। आदि अपनी आठ सूत्री मांगे प्रमुख रूप से शामिल हैं ज्ञापन सौंपने वालों में चैधरी हरपाल सिंह एडवोकेट, राम बाबू सिंह चैहान, राजकुमार कौशिक, डॉ. उमाशंकर सागर, संजय कुमार, रामकेश, विजेंद्र सिंह, योगेश शर्मा, मुकेश बघेल, राजवीर सिंह, अशोक कुमार, प्रेमपाल, आदि शामिल रहे। इस अवसर पर किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी माँगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो वे बड़ा आंदोलन करने को विवश होंगे।











