
हसायन क्षेत्र के जयपुर मथुरा बरेली कासगंज नेशनल हाइवे मार्ग स्थित गांव जैतपुर के दिव्य योग कला मंदिर में आयोजित सात दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम श्रीमद भागवत कथा के तीसरे दिन आचार्य कलाधर जी महाराज ने योग योगेश्वर महाप्रभु श्री रामलाल जी महाराज के जन्म की कथा सुनाई।
आचार्य ने बताया कि उनका जन्म सिद्ध साधना कर रहे योग साधकों की साधना को पूर्ण कराकर सिद्ध बनाने के लिए हुआ। योग योगेश्वर महाप्रभु रामलाल जी के दर्शन के लिए सिद्ध पुरुषों आते रहे। महाप्रभु रामलाल जी महाराज हिमालय पर साधना के लिए चले गए, वहां से लौटते समय जयराम भक्त से मिले। उसके बाद कई साधकों पर शक्तिपात करके उन्हें सिद्ध बनाया। उसके बाद मथुरा में रहकर योग प्रचार प्रसार कर एक दिन जयराम के साथ गोवर्धन पूजा करने के लिए चले गए।आचार्य जी ने भगवान श्रीकृष्ण जन्म,भगवान श्री कृष्ण की बाल लीला,माखन चोरी, पूतना उद्धार, गोवर्धन पूजा के कथा प्रसंग का मामिर्क वर्णन किया।
श्रीमद भागवत कथा में परीक्षत किरन शर्मा,विनय शर्मा, रामेश्वर दयाल शर्मा,नीरज शर्मा, विपिन शर्मा, आरपी शर्मा, राजकुमार शर्मा, सत्यपाल सिंह, सतेन्द्र सिंह पूर्व रिटायर्ड नेत्र परीक्षण अधिकारी, महीपाल सिंह,ऋषि कुमार, रुद्रप्रताप सिंह, मनोज कुमार जादौन सहित तमाम श्रोता मौजूद थे।












