वाशिंगटन-19 फरवरी। क्या अमेरिका भारत पर फिर टेरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है। अमेरिका में विपक्ष की पार्टी डेमोक्रेटिक के सांसद ब्रांड शेयरमैन इसी तरफ इशारा कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि प्रेसिडेंट ट्रंप भारत पर टेरिफ लगाने के बहाने ढूंढ रहे हैं। ट्रंप दावा करते हैं कि भारत पर टेरिफ इसलिए लगाया गया क्योंकि वह रूस से तेल खरीदता है। जबकि हंगरी अपनी जरूरत का 90ः कच्चा तेल रूस से इंपोर्ट करता है। फिर भी उस पर तो कोई टेरिफ नहीं लगाया गया। चीन रूस के तेल का सबसे बड़ा खरीदार है लेकिन उस पर भी कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया। चीन पर जो सेंशंस लगे भी हैं उसकी वजह अलग है। भारत अपनी जरूरत का केवल 21ः तेल रूस से लेता है। फिर भी हमारे मित्र देश भारत को निशाना बनाया जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप को यह नीति तुरंत बदलनी चाहिए। यहां पर आपको यह क्लियर कर दें कि जब प्रेसिडेंट ट्रंप चाइना पर टेरिफ लगा रहे थे तो इसके पीछे की उन्होंने सबसे बड़ी वजह यह बताई थी कि चाइना से फेंटिनल अमेरिका आ रहा था। इसलिए चाइना पर टेरिफ लग रहा है। लेकिन उन्होंने रशिया से तेल खरीदने की बात को नहीं बढ़ावा दिया था। इंडिया के लिए उन्होंने यह कहा था। आप समझते हैं कि भारत को इससे क्या नुकसान हो रहा है। जिओपॉलिटिकल एक्सपर्ट ब्रह्मचलानी का कहना है कि इससे चीन की जीत हुई है। भारत अपनी जेब ढीली कर रहा है ताकि चीन को फायदा हो सके। उन्होंने आगे लिखा ट्रंप को लगता है कि वह ऐसा करके अपनी बात मनवा लेंगे क्योंकि उनके पिछले कार्यकाल के दौरान यह पैतरा काम कर गया था। तब उन्होंने भारत पर ईरान से तेल नहीं खरीदने का दबाव बनाया था।












