उत्तर प्रदेश विधानसभा के घेराव और मनरेगा बचाओ आंदोलन से पहले ही कोतवाली पुलिस ने गांव बांधनु में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय को प्रशासन ने आधी रात उनके घर पर नजरबंद कर लिया।
मिली जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली कि कांग्रेज जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय मंगलवार को प्रस्तावित लखनऊ कूच में भागीदारी के लिए रवाना होंगे। पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लिया और धारा 144 के चलते सोमवार शाम पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष के आवास पर भारी पुलिस बल तैनात करते हुए कांग्रेस उन्हंें नरजबंद कर लिया। हालांकि कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने पुलिस की इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों और मजदूरों की जीवनरेखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उनके हक और रुके हुए भुगतान की आवाज उठाई जाती है, तो सत्ता दमनकारी नीतियों पर उतर आती है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि जनता के मुद्दों को उठाना अपराध नहीं है और इस तरह की घेराबंदी से मजदूरों और वंचित वर्ग के संघर्ष को दबाया नहीं जा सकता। गांव बांधनू में पुलिस की इस सक्रियता और जिलाध्यक्ष की नजरबंदी के बाद कार्यकर्ताओं में भारी रोष देखा जा रहा है।












