बसई बावस में महाराणा प्रताप की शोभायात्रा निकालने की प्रशासन ने नहीं दी अनुमति

सिकंदराराऊ । कोतवाली क्षेत्र के गांव बसई बावस में रविवार को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजकों द्वारा शोभायात्रा निकालने की तैयारी की गई थी, लेकिन प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके चलते, कार्यक्रम में केवल स्थानीय स्तर पर विचार गोष्ठी और पुष्प अर्पण ही किया जा सका। कार्यक्रम आयोजक ने बताया कि ग्रामीण और आयोजक कई दिनों से शोभायात्रा और मेले की अनुमति के लिए प्रयास कर रहे थे। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नई धार्मिक परंपराओं, नए मेलों और नई शोभायात्राओं को अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन के अनुसार, केवल वे आयोजन ही मंजूरी प्राप्त कर सकते हैं जो सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हैं और वर्षों से आयोजित होते आ रहे हैं। प्रशासन की सख्ती को देखते हुए रविवार सुबह से ही गांव में पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सिकंदराराऊ कोतवाली के अलावा आसपास के थानों से भी पुलिस बल और पीएसी गांव बसई बावस में तैनात की गई। प्रशासन ने आयोजकों को साफ निर्देश दिए कि बिना अनुमति कोई शोभायात्रा नहीं निकाली जाएगी। हालांकि, गांव में चिन्हित स्थान पर टेंट लगाकर महाराणा प्रताप के छविचित्र पर पुष्प अर्पित करने, विचार व्यक्त करने और शांतिपूर्ण सभा आयोजित करने की अनुमति दी गई। कार्यक्रम के दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी अमित पाठक, उप जिलाधिकारी संजय कुमार, प्रभारी निरीक्षक शिवकुमार शर्मा, सादाबाद सीओ जैनेंद्र नाथ अस्थाना समेत भारी पुलिस एवं पीएसी बल मौजूद रहा । प्रशासन ने दोहराया कि जिले में बिना अनुमति किसी भी नए आयोजन को मंजूरी नहीं दी जाएगी।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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