प्रभु के प्रेम की खुशबू सृष्टि के कण कण में बसी हुई है-संत राजिन्दर सिंह जी महाराज

हाथरस। सावन कृपाल रूहानी मिशन के बैनरतले जनपद की तीनों शाखाओं क्रमशःकृपाल आश्रम गौशाला मार्ग, कृपाल आश्रम पिछोंती हसायन एवं राजिंदर आश्रम वीरनगर सासनी पर आध्यात्मिक सत्संग आयोजित किया गया।
सत्संग दयाल पुरुष संत दर्शन सिंह जी महाराज एवं संत राजिंदर सिंह जी महाराज की अमृतमयी वाणी में ऑडियो वीडियो द्वारा प्रस्तुत किया गया।
सत्संग में महाराज जी ने प्रभु के प्रेम के बारे में विस्तार से समझाया। महाराज जी ने समझाया कि प्रभु के प्रेम की खुशबू सृष्टि के कण कण में बसी हुई है। इस तरह हम सभी में भी प्रभु का प्रेम समाया हुआ है। अतः हमें उस पिता पर्मेश्वर के प्रेम का अनुभव अवश्य करना चाहिए। एक प्रभु का प्रेम ही है जिससे हमारा जीवन चल रहा है। महाराज जी ने आगे बताया कि हमारा वास्तविक स्वरूप आत्मिक है और हमारी आत्मा प्रभु का ही एक अंश है। चूँकि प्रभु प्रेम के महासागर हैं। हमारी आत्मा भी प्रभु के प्रेम से भरपूर है।। इसी कड़ी में महाराज जी ने आगे समझाया कि जब हम इंसानों को एक पूर्ण सतगुरु की शरण में जाने का अवसर प्राप्त होता है, तो वो पूर्ण सतगुरु हमारी आत्मा को उस पिता पर्मेश्वर के प्रेम का अनुभव करा देते हैं और जब हम सतगुरु द्वारा बताये गए रास्ते पर चलते हैं तो एक समय ऐसा भी आता है, जब हमारी आत्मा अपने मूल स्रोत अर्थात परमात्मा में लीन हो जाती है, जो कि हमारे जीवन का वास्तविक धेय है।
सत्संग के साथ साथ हाथरस शाखा पर अन्य गतिविधियां जैसे, आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, एलोपैथिक डिस्पेंसरी तथा हाथरस शाखा के साथ साथ उक्त दोनोँ शाखाओं पर आध्यात्मिक छोटे बच्चों हेतु बाल सत्संग, आध्यात्मिक बुक स्टाल, दर्शन लाइब्रेरी, कृपाल प्याऊ आदि भी आयोजित की गयीं।
सत्संग के पश्चात सभी साध संगत हेतु लंगर प्रसादी का भी वितरण किया गया। सभी गतिविधियों को सफलता पूर्वक संचालित कराने में मिशन के सभी सक्रिय सेवादारों ने बढ़ चढ़कर सहयोग किया।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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