उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने की रंग गुलाल को कर मुक्त करने की मांग

हाथरस-4 फरवरी। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल के आवाह्मन पर ज्ञापन  ि        जलाधिकारी  को सौंपकर वित्त मंत्री भारत सरकार से कर राहत की मांग की गयी है। वही दूसरी ओर     धार्मिक उत्सवो मे काम आने वाले गुलाल को कर मुक्त करने व होली रंगों को 5 प्रतिशत  स्लैब मे लाने कि बात रखी है।
ज्ञापन में वित्त मंत्री से मांग की है कि देश का उद्योग एवं व्यापार वर्ग स्वतंत्रता के बाद से आज तक निरंतर देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, रोजगार सृजन करने तथा सरकार के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देता आ रहा है। वर्तमान समय में बढ़ती महंगाई, ऊँची ब्याज दरें, जटिल नियम-कानून एवं साइबर अपराध जैसी समस्याओं के कारण व्यापारी एवं उद्यमी वर्ग गंभीर संकट का सामना कर रहा है। अनुरोध है कि केंद्रीय बजट 2026-27 में उद्योग एवं व्यापार के हित में कई प्रस्तावों पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर राहत प्रदान करें।।
उद्योग एवं व्यापार के लिए दिए जा रहे बैंक ऋणों की वर्तमान ऊँची ब्याज दरों में कटौती किए जाने का प्रस्ताव लागू किया जाए। व्यापारी एवं उद्यमियों के ऋण खाते मात्र तीन माह की किस्तध्ब्याज जमा न होने पर एनपीए घोषित कर दिए जाते हैं, जिससे चलता हुआ व्यापार एवं उद्योग बंद हो जाता है।एनपीए घोषित करने की समय सीमा 3 माह से बढ़ाकर कम से कम 6 माह की जाए तथा एनपीए हो चुके खातों के लिए विशेष पुनर्स्थापना योजना लागू की जाए। देशभर में अनेक औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियाँ आवासीय क्षेत्रों में विगत कई वर्षों से जीएसटी पंजीकरण, काॅमर्शियल विद्युत कनेक्शन एवं अन्य सभी वैधानिक लाइसेंस प्राप्त कर विधिवत रूप से संचालित हैं, इसके बावजूद नगर निगम, विकास प्राधिकरण एवं अन्य विभागों द्वारा उन्हें सील करने अथवा ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जा रही है, जो अत्यंत अन्यायपूर्ण है।
यह आवश्यक है कि पूर्व से संचालित सभी औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को स्थायी वैधानिक मान्यता प्रदान करने हेतु एक समग्र राष्ट्रीय नीति बनाई जाए तथा ऐसी दमनात्मक एवं मनमानी कार्यवाहियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।जीएसटी के अंतर्गत वर्तमान में उपलब्ध दुर्घटना बीमा रु. 10 लाख तक सीमित है, जिसे संशोधित करते हुए किसी भी कारण से होने वाली मृत्यु की स्थिति में रु. 10 लाख का बीमा लाभ पंजीकृत व्यापारीध्उद्यमी को प्रदान किए जाने का प्रावधान किया जाए।बढ़ते हुए साइबर अपराध को रोकने हेतु एक सशक्त, प्रभावी एवं व्यापारी हितैषी राष्ट्रीय कार्य योजना लागू की जाए।
व्यापारियों के जीवन यापन हेतु न्यूनतम 40,000 प्रतिमाह पेंशन योजना लागू की जाए। जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों को डिजिटल कार्यों हेतु लैपटॉप एवं आवश्यक सॉफ्टवेयर निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएँ।जीएसटी में विलंब से भुगतान पर 18 प्रतिशत ब्याज लिया जा रहा है, जिसे घटाकर अधिकतम 6 प्रतिशत किया जाए। जीएसटी      अधिनियम में दंडात्मक प्रावधानों के अंतर्गत जेल की सजा को समाप्त किया जाए तथा इसे केवल आर्थिक दंड तक सीमित किया जाए।वाहन खरीदते समय एक ओर रोड टैक्स और दूसरी ओर पूरे देश में टोल टैक्स वसूला जा रहा है, जो दोहरा कर है।
अतः वाहन पंजीकरण पर लिया जाने वाला रोड टैक्स एवं व्यावसायिक वाहनों से वार्षिक रोड टैक्स समाप्त किया जाए।वर्तमान में आयकर अधिनियम के अंतर्गत कंपनियों पर लगभग 25 प्रतिशत की दर से आयकर लगाया जा रहा है जबकि साझेदारी फर्मों पर 30 प्रतिशत की उच्च दर से आयकर देय है। केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी में 12 प्रतिशत एवं 28 प्रतिशत की स्लैब समाप्त किए जाने के पश्चात व्यापारी द्वारा पूर्व में  12 प्रतिशत एवं 28 प्रतिशत जीएसटी पर खरीदे गए माल को वर्तमान में 18 प्रतिशत अथवा 5 प्रतिशत की दर से बेचना पड़ रहा है,
जिससे व्यापारियों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस कारण व्यापारियों का लगभग 7 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक का इनपुट टैक्स क्रेडिट विभाग के पोर्टल पर लंबित पड़ा हुआ है, जो उनकी कार्यशील पूंजी को बाधित कर रहा है।गुलाल उद्योग काफी ऊँची जीएसटी दरों के कारण पिछड़ रहा है। धार्मिक उत्सव में प्रयोग होने वाला  गुलाल कर मुक्त होना चाहिए और होली रंगों पर टैक्स 5 प्रतिशत हो, जिससे इस लघु व कुटीर उद्योग को राहत मिल सके।।
उपरोक्त सभी मांगें देश के करोड़ों व्यापारियों एवं उद्यमियों के अस्तित्व, सम्मान एवं आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी हुई हैं। यदि इन प्रस्तावों को केंद्रीय बजट में शामिल किया जाता है तो इससे न केवल व्यापार जगत को राहत मिलेगी, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्राप्त होगी। अनुरोध है कि उद्योग एवं व्यापार हित में इन प्रस्तावों को सहानुभूति पूर्वक स्वीकार कर आवश्यक कार्यवाही करें।
मांग करने वालों में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के राधेश्याम अग्रवाल प्रान्तीय वरिष्ठ महामंत्री, गोविन्द अग्रवाल प्रान्तीय उपाध्यक्ष, नन्नूमल गुप्ता प्रान्तीय     अध्यक्ष उद्योग मंच पश्चिमी उत्तर प्रदेश, कपिल अग्रवाल प्रान्तीय मंत्री, प्रदीप गोयल महामंत्री उद्योग मंच पश्चिमी उत्तर प्रदेश, देवेन्द्र मोहता संगठन मंत्री, अनूप अग्रवाल जिला महामंत्री उद्योग मंच, मनोज अग्रवाल प्रदेश उपाध्यक्षध्जिलाध्यक्ष, मनोज बूटिया नगर अध्यक्ष, नवीन गुप्ता युवा जिलाध्यक्ष, आकाश गोयल युवा नगर अध्यक्ष, नितिन वार्ष्णेय जिला महामंत्री, मनोज वर्मा नगर महामंत्री, गौरांग अग्रवाल युवा जिला महामंत्री, यश राठी युवा नगर महामंत्री शामिल हैं।
Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

Leave a Comment