
कस्बा सासनी के मोहल्ला बारहसैनी स्थित प्रसिद्ध श्री कृष्ण चंद्र मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चैथे दिन कथा व्यास आचार्य खगेन्द्र शास्त्री महाराज ने भगवान श्री कृष्ण के दिव्य जन्मोत्सव (कन्हैया जन्म) का सजीव एवं भावपूर्ण वर्णन किया।
सोमवार को कथा का शुभारंभ बांके बिहारी जी के सम्मुख दीप प्रज्वलन एवं आरती के साथ हुआ। इसके पश्चात कथा व्यास आचार्य खगेन्द्र शास्त्री ने महाराज कंस के अत्याचारों, देवकी-वसुदेव के विवाह और आकाशवाणी के प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भगवान भक्तों के उद्धार और धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। आचार्य शास्त्री ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण का जन्म केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि जीव के भीतर भक्ति और विवेक का प्राकट्य है। यदि हम अपने जीवन में सत्य, प्रेम और करुणा को अपनाएं तो हमारा हृदय भी वृंदावन बन सकता है। कथा के अंत में मुख्य यजमानों एवं स्थानीय श्रद्धालुओं ने श्रीमद्भागवत ग्रंथ की आरती उतारी और विशाल आरती के बाद सभी भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया।












