
हाथरस। व्यक्ति के मानव अधिकारों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य कर रही एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स संस्था अज्ञात शवों के धार्मिक रीति-रिवाज से दाह संस्कार का कार्य कर रही है।
अज्ञात शव को एडीएचआर की देखरेख और समाजसेवी सुनीत आर्य के नेतृत्व में दाह संस्कार किया गया। जिसके दाह संस्कार की व्यवस्था मे एनएसएस अध्यक्ष सुनील अग्रवाल का पूर्ण रूपेण सहयोग रहा ।गत 19 मई को जीआरपी हाथरस सिटी को सूचना मिली कि एक व्यक्ति अचेत अवस्था में प्लेटफार्म नंबर एक पर पड़ा है।
जीआरपी पुलिस द्वारा मौके पर देखा गया, तो एक अज्ञात व्यक्ति उम्र लगभग 40 वर्ष अंगोछा पहने हुये था। वह व्यक्ति वहीं पर प्लेटफार्म पर जाकर भीख मांग कर अपना गुजारा करता था, जिसकी छाती पर पीके लिखा हुआ था। उसकी मृत्यु हो चुकी थी।पुलिस द्वारा शव को शिनाख्त के लिए 72 घंटे रखा।शव की शिनाख्त न होने के कारण शव को पुलिस द्वारा लावारिस घोषित कर पोस्टमार्टम कराया गया।। उसके उपरांत पुलिस द्वारा समाजसेवी सुनीत आर्य व प्रवीन वार्ष्णेय से शव के अंतिम संस्कार के लिए अनुरोध किया गया। समाजसेवियों द्वारा उपरोक्त शव का हिंदू रीति रिवाज से दाह संस्कार किया गया।
अंतिम संस्कार में प्रवीन वार्ष्णेय राष्ट्रीय महासचिव एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स, समाजसेवी सुनीत आर्य,एनएसएस अध्यक्ष सुनील अग्रवाल,आयोग दीपक ,बंटी भाई कपड़े वाले,साथ में केशवदेव अरोड़ा(डब्बू),नीरज गोयल, दीपांशु वार्ष्णेय,तरूण राघव, निष्कर्ष गर्ग,विशाल सोनी, हेड कांस्टेबल रणजीत सिंह, हेड कांस्टेबल अवन कुमार मौजूद थे।












