
सासनी- ग्राम बांधनू में आयोजित श्री महादेव जी के 79वें ऐतिहासिक मेले के अंतर्गत आयोजित रसिया कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत भव्य, गरिमामयी एवं सांस्कृतिक वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. विकास शर्मा (फोकस अल्ट्रासाउंड सेन्टर) द्वारा किया गया।।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सासनी थाना प्रभारी अवधेश जादौन उपस्थित थे।वहीं कार्यक्रम संयोजक एंव जिलाध्यक्ष कांग्रेस विवेक उपाध्याय द्वारा मुख्य अतिथियों का पटका पहनाकर एवं स्मृति स्वरूप तस्वीर भेंट कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया।इस अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए डॉ. विकास शर्मा ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक मेले हमारी सभ्यता, लोक परंपराओं और सामाजिक चेतना के जीवंत प्रतीक होते हैं। रसिया जैसे लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज को अपनी जड़ों, संस्कृति और विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं से परिचित कराते हैं और समाज में एकता, भाईचारे एवं सांस्कृतिक जागरूकता को सुदृढ़ करते हैं।।
उन्होंने कहा कि श्री महादेव जी का ऐतिहासिक मेला केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि लोक संस्कृति और सामाजिक समरसता का भी सशक्त मंच है। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए मेला समिति, आयोजकों एवं समस्त ग्रामवासियों को शुभकामनाएं दीं।।
वहीं ंर्सयोजक एंव कांग्रेस जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय ने कहा कि श्री महादेव जी का यह ऐतिहासिक मेला हमारी सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और लोक परंपराओं का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज में प्रेम, सौहार्द और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध परंपराओं से जोड़ते हैं।। कार्यक्रम में मेला प्रधान रामप्रकाश उपाध्याय , मेला उपप्रधान पप्पू राठौर , कोषाध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा , सियाराम उपाध्याय, कालीचरन मस्ताना, योगेश शर्मा, सुखवीर सिंह, मनोज उपाध्याय, सुशील उपाध्याय, राजू चक्की वाले, हरिशंकर उपाध्याय, जीतू उपाध्याय, सचिन उपाध्याय, हिमांशु सेंगर,बृजेश ठाकुर, राजकुमार तोमर, मुरारीलाल कौशिक एवं शिव कुमार कौशिक सहित क्षेत्र के अनेक लोग उपस्थित थे।पूरा आयोजन धार्मिक आस्था, लोक संगीत, सांस्कृतिक चेतना एवं सामाजिक समरसता का सुंदर संगम बन गया। रसिया कार्यक्रम के दौरान लोक संस्कृति की मधुर धारा बहती रही, जिसने जनसमूह को भावविभोर कर दिया। क्षेत्रवासियों ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे भव्य, अनुकरणीय एवं ऐतिहासिक बताया।अंत में सभी अतिथियों एवं क्षेत्रवासियों ने मेला समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाए रखते हैं, बल्कि समाज में आपसी सौहार्द, भाईचारे और सांस्कृतिक गौरव को भी मजबूत करते हैं।












