शहर में गणगौर शोभायात्रा की रही धूमःबिखरी छटाःपुष्पवर्षा कर स्वागत


हाथरस। चैत्र नवरात्र पर्व के उपलक्ष में शहर में आयोजित दो दिवसीय श्रीगणगौर महाराज की 232वीं शोभायात्रा की भारी धूम रही और भव्यता से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में शामिल कई झांकियां ने मन मोह लिया। कलाकारों ने करतब दिखाकर जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। कई जगहों पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।


श्री गणगौर शोभायात्रा के प्रथम दिन शोभायात्रा का शुभारंभ कांस्यकार समाज के बुजुर्ग शिवकुमार, श्यामलाल वर्मा, गोपाल दास, मुन्नीलाल व परमानंद वर्मा ने फीता काटकर जहां शुभारंभ किया। वहीं शोभायात्रा में माता महाकाली, नौ काली, दिल्ली, मेरठ व बिजनौर की आकर्षक झांकियां तथा श्री गणगौर जी महाराज का डोला आकर्षण का केंद्र रहा। वही दूसरे दिन शोभायात्रा का शुभारंभ मलूकपीठ श्रीधाम वृंदावन के रसराज महाराज ने किया। दूसरे दिन भी शोभायात्रा में मुख्य आकर्षण गोवर्धन लीला, फुव्वारा नृत्य, राजस्थानी भवाई, शिव की बरात, भैरव बाबा, लालदास बाबा, राधाकृष्ण रास मंडल, काली मैया की टोली की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। कांस्यकार समाज के युवाओं की ओर से परंपरागत करतबों का भी प्रदर्शन किया गया।


श्री गणगौर जी महाराज मेला महोत्सव में मुरसान ब्लाक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय, पूर्व पालिका अध्यक्ष आशीष शर्मा, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शरद माहेश्वरी ने भी सहभागिता कर जहां गणगौर जी के दर्शन किए। वहीं आयोजकों द्वारा उनका जोरदार स्वागत व सम्मान भी किया गया। शोभायात्रा देखने को लिए शहर में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।वहीं शोभायात्रा में नौ देवी, भैरव बाबा, काली, भैरव के स्वरूपों के साथ भारतीय संस्कृति का परिचय देने वाली झांकियां भी शामिल थीं। शोभायात्रा शहर के कमला बाजार, सरक्यूलर रोड, भूरापीर चैराहा, चक्की बाजार, नयागंज, मोती बाजार आदि बाजारों में देर रात तक शोभायात्रा देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा रही।
गणगौर जी महाराज मेला महोत्सव के अवसर पर मौके पर मेला अध्यक्ष संजीव पंचपड़िया, रामबाबूलाल वर्मा, प्रेमचंद्र वर्मा, श्री रामबाग इंटर कॉलेज के प्रबंधक एवं उद्यमी नरेश वर्मा, ओमप्रकाश बागड़ी, कमल प्रकाश वर्मा, मनोज वर्मा एडवोकेट, महामंत्री प्रवीन पंचपड़िया, देव पंचपड़िया, मंत्री दाऊदयाल वर्मा, अनिल वर्मा, महेश वर्मा, मनोज वर्मा, प्रवीन वर्मा, प्रदीप वर्मा, दिलीप वर्मा, घनश्यामदास कूलवाल आदि मौजूद थे।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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