
सिकंदराराऊ । कस्बा के वरिष्ठ समाजसेवी और अल्पसंख्यक सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष जनाब बाबर सिद्दीकी का रविवार की सुबह दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही कस्बा समेत पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सामाजिक, राजनीतिक और व्यापारिक वर्गों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। करीब 55 वर्षीय बाबर सिद्दीकी पिछले कई वर्षों से लीवर की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे और उनका इलाज लंबे समय से नई दिल्ली के आईएलबीएस, वसंत कुंज में चल रहा था। चिकित्सकों ने उन्हें लीवर ट्रांसप्लांट की सलाह भी दी थी। हाल ही में उन्हें निमोनिया भी हो गया था। अलीगढ़ में इलाज के बाद जब उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ, तो उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भर्ती रहने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई। जिसके बाद उन्हें आईसीयू में रखा गया। इलाज के दौरान उन्होंने रविवार की सुबह अंतिम सांस ली। स्वास्थ्य कारणों के चलते बाबर सिद्दीकी कुछ समय से अलीगढ़ में रह रहे थे, लेकिन सिकंदराराऊ से उनका सामाजिक और भावनात्मक जुड़ाव हमेशा बना रहा। वह अपने हंसमुख, मिलनसार और खुशमिजाज स्वभाव के लिए जाने जाते थे। वह क्षेत्र के लोगों के सुख-दुख में हमेशा साथ रहते थे और वह जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। उनकी जमीन पर वर्षों से लगने वाली बुधवार की प्रसिद्ध पेठ (बाजार) क्षेत्र की पहचान थी, जहां दूर-दराज से व्यापारी और खरीदार आते थे। इसके अतिरिक्त, उनकी एक पुरानी भूमि पर वर्षों से हिंदू-मुस्लिम एकता की प्रतीक प्रदर्शनी का आयोजन भी होता रहा है। परिजनों के अनुसार, बाबर सिद्दीकी अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और एक छोटे भाई को छोड़ गए हैं। उनके निधन पर विधायक वीरेंद्र सिंह राणा, पूर्व विधायक यशपाल सिंह चौहान , चेयरमैन मोहम्मद मुशीर कुरैशी, हाजी उमर कुरैशी, इकराम कुरैशी, मोहम्मद मुशीर कुरैशी, विपिन वार्ष्णेय ,भाजपा जिला कोषाध्यक्ष पंकज गुप्ता समेत अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने शोक व्यक्त किया है।












