सत्ता में आने पर भाजपा ने गौ माता के साथ किया बड़ा धोखा – अवमुक्तेश्वरानंद


सिकंदराराऊ । जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी गविष्ठि यात्रा के दौरान सिकंदराराऊ पहुंचे। इस राष्ट्रव्यापी यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना और देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग करना है। कस्बा के कासगंज रोड स्थित ममता फार्म हाउस में बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने उनका भव्य अभिनंदन किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों को धर्म की रक्षा और गौ संरक्षण का संदेश दिया। शंकराचार्य ने बताया कि यह गविष्ठि यात्रा देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर निकाली जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा नहीं मिल जाता और उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह अभियान जारी रहेगा।
पत्रकारों से रूबरू होते हुए शंकराचार्य ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अखिलेश यादव पर ‘टोंटी चोर’ होने का आरोप लगाया था, उन्हें अब राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े तथ्यों पर जवाब देना चाहिए। शंकराचार्य ने कहा कि पहले चंपत राय ने सफाई दी थी कि कोई गड़बड़ी नहीं है, लेकिन अब पैसा बरामद होने और चार लोगों की गिरफ्तारी की खबरें आ रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अयोध्या के साधु-संत भी नियमित चोरी की बात कह रहे हैं। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने हिंदुओं को निराश किया है और गौ माता के साथ भी बड़ा धोखा किया है। भाजपा के राज में भारत गौमांस के कारोबार में सर्वाधिक ऊंचाई पर पहुंच गया है। हम पक्ष- विपक्ष नहीं सनातन धर्म के हैं। राजनीतिक पार्टियों से जोड़कर देखना गलत है। सनातन धर्म के प्रति लोगों को जागरूक करना हमारा कार्य है। गाय सनातन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल सनातन का दिखावा कर रही है, जबकि उसका वास्तविक उद्देश्य सनातन के नाम पर सत्ता हासिल करना है। उन्होंने बताया कि उनकी यात्रा का उद्देश्य 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के मद्देनजर मतदाताओं को जागरूक करना है। शंकराचार्य ने मतदाताओं से कहा कि वे अगले चुनाव में गाय की रक्षा के लिए मतदान करें और उसी पार्टी को वोट दें जो गाय को राष्ट्रमाता घोषित करे। शंकराचार्य ने यह भी कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोग भी गाय को बचाने की बात कर रहे हैं, फिर भी सरकार गाय को राष्ट्रमाता घोषित नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों का नाम तो लिया जा रहा था, लेकिन असली जड़ तो यही लोग हैं।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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