श्री दाऊजी गौशाला रूहल का कमिश्नर ने किया दौरा: वृक्षारोपण

हाथरस। मंडलायुक्त अलीगढ़ मंडल श्रीमती संगीता सिंह ने विकास खंड सासनी की ग्राम पंचायत समामई रूहल में संचालित श्री दाऊजी गौशाला का निरीक्षण कर गौशाला में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाए जाने के निर्देश दिए।
इस दौरान मंडलायुक्त श्रीमती संगीता सिंह ने जिलाधिकारी अतुल वत्स एवं पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के साथ वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत हरिशंकरी का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा गौवंशों को गुड़ खिलाकर उनके संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति अपनी संवेदनशीलता व्यक्त की।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने गौशाला परिसर में निर्मित टीन शेड एवं अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि गौशाला में 100×63 फीट के टीन शेड का निर्माण कराया गया है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य में हैंडपंप रीबोरिंग से प्राप्त पाइपों का उपयोग पिलर निर्माण में किया गया, जिससे निर्माण लागत में उल्लेखनीय बचत संभव हुई है। जिलाधिकारी ने बताया कि एक अलग टीनशेड का निर्माण कराया गया है, जिसमें बीमार गौवंशों को इलाज हेतु रखा जायेगा। इस नवाचार की जानकारी प्राप्त कर मंडलायुक्त ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसकी सराहना की।
गौशाला में संरक्षित गौवंशों एवं उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में गौशाला में कुल 156 निराश्रित गौवंश संरक्षित हैं, जिनमें 15 नर एवं 141 मादा गौवंश शामिल हैं। उनकी देखभाल के लिए 5 केयर टेकर तैनात किए गए हैं। गौशाला में 3 टीन शेड, चारा खाने के लिए 3 चरही, पानी पीने हेतु 5 हॉज तथा एक समरसेबल पंप की व्यवस्था उपलब्ध है। वर्तमान में गौशाला में 90 कुंतल भूसा सुरक्षित रखा गया है तथा प्रतिदिन 35 से 45 कुंतल हरा चारा उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि अब तक 12 लाभार्थियों को 24 गौवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। गौशाला में पेयजल, विद्युत एवं सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए समरसेबल पंप, विद्युत आपूर्ति तथा सीसीटीवी प्रणाली सुचारु रूप से संचालित की जा रही है। निरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था भी लागू की गई है, जिसके माध्यम से निरीक्षण की प्रविष्टियां ऑनलाइन दर्ज होते ही जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा उनका अवलोकन किया जा सकेगा।मंडलायुक्त ने गौशाला की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौवंशों के संरक्षण, पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए तथा शासन की मंशा के अनुरूप गौशालाओं का संचालन प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा उन्होंने वृहद मात्रा में वृक्षारोपण कराये जाने तथा सोलर पंप की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

Leave a Comment