गलती हो जाए तो प्रायश्चित अवश्य करें – शीलेन्द्र दीक्षित

कथा का रसपान करने को उमड़ रही भीड़

सिकंदराराऊ । कस्बा के मोहल्ला नौरंगाबाद पश्चिम स्थित ओम बाबा मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन रविवार को कथा व्यास पंडित शीलेन्द्र दीक्षित ने कहा कि मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं। लेकिन ऐसा होने पर समय रहते सुधार और प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है। कथा व्यास ने पांडवों के जीवन में होने वाली श्रीकृष्ण की कृपा को बड़े ही सुंदर ढंग से दर्शाया। कहा कि परीक्षित कलियुग के प्रभाव के कारण ऋषि से श्रापित हो जाते हैं। उसी के पश्चाताप में वह शुकदेव जी के पास जाते हैं। भक्ति एक ऐसा उत्तम निवेश है, जो जीवन में परेशानियों का उत्तम समाधान देती है। साथ ही जीवन के बाद मोक्ष भी सुनिश्चित करती है। कथा व्यास ने कहा कि द्वापर युग में धर्मराज युधिष्ठिर ने सूर्यदेव की उपासना कर अक्षयपात्र की प्राप्ति किया। हमारे पूर्वजों ने सदैव पृथ्वी का पूजन व रक्षण किया। इसके बदले प्रकृति ने मानव का रक्षण किया। भागवत के श्रोता के अंदर जिज्ञासा और श्रद्धा होनी चाहिए। परमात्मा दिखाई नहीं देता है वह हर किसी में बसता है। कथा का रसपान करने को श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ रही है। इस मौके पर रामकृष्ण दास त्यागी बाबा ,साध्वी कुंतादास,वैभव वार्ष्णेय , विजयभारत कुलश्रेष्ठ , मुकुल गुप्ता, गिरीश मोहन गुप्ता, शरद वार्ष्णेय, पप्पी वार्ष्णेय ,ऊषा वार्ष्णेय आदि मौजूद रहे।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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