
सिकंदराराऊ । पति की दीर्घायु के लिए सुहागिन महिलाओं द्वारा शनिवार को उपवास रखकर वट वृक्ष बरगद की आस्था के साथ पूजा अर्चना की गई। जिसमें सौभाग्यवती स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु एवं सभी प्रकार की सुख-समृद्धियों की कामना करती हैं। इस दिन स्त्रियां व्रत रखकर वट वृक्ष के पास पहुंचकर धूप-दीप नैवेद्य से पूजा करती हैं। रोली और अक्षत चढ़ाकर वट वृक्ष पर रक्षासूत्र बांधकर अखंड सौभाग्य की प्रार्थना करती हैं । इस दिन व्रत और पूजा करने वाली महिलाओं के पति पर आया संकट टल जाता है और उनकी आयु लंबी होती है। यह व्रत महिलाओं के लिए खास बताया गया है। भोर में ही महिलाओं ने स्नान कर वट वृक्ष बरगद के पेड़ की पूजा अर्चना कर मनोती मांगी ।
पति की लंबी आयु के लिए शनिवार को सुहागिन महिलाओं ने बरगद के पेड़ के नीचे वट सावित्री की पूजा कर पति के लंबी उम्र की कामना की। महिलाओं ने वट वृक्ष के रूप में यम देव की विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कर पति की दीर्घायु, स्वास्थ्य व परिवार में सुख शांति एवं उन्नति का वरदान मांगा। इस अवसर पर महिलाओं ने सावित्री व सत्यवान की कथा सुन सुहागन महिलाओं को दान दिया। हिन्दू मान्यता के अनुसार वट सावित्री के पूजन से पति पर आया संकट टल जाता है। सुहानिग महिलाएं भोर में गंगा स्नान कर पति की दीर्घायु के लिए उपवास कर रख यम देव की पूजा अर्चना करती है। इससे प्रसन्न होकर यम देव सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्यवती होने का वर प्रदान करते है। इस अवसर पर महिलाओं द्वारा बरगद के वृक्ष भी लगाए गए। यह वृक्ष हर समय हम सभी को ऑक्सीजन प्रदान करता है। इसलिए वट वृक्ष सौभाग्यवती वर के साथ साथ जीवन दायिक भी है। दिन रात ऑक्सीजन देने वाला यह वृक्ष लोगो को जीवन देता है।












