परशुराम रथयात्रा महोत्सव में गूंजा रसिया दंगल: मुकाबला रहा बराबरी पर

हाथरस। भगवान परशुराम रथयात्रा महोत्सव के अंतर्गत रविवार रात शहर के बुर्ज वाला कुआं स्थित भगवान परशुराम चौक पर रसियों का विराट मुकाबला आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा योगा पंडित ने दोनों अखाड़ों के उस्तादों और संचालकों का हाथ मिलवाकर कराया।


विराट रसिया दंगल में मनोज-विजेंद्र शर्मा अखाड़ा (खिच्चोमल आटे वाले अटल टाल) और रामवीर सिंह प्रधान अखाड़ा (विप्र चंदो लाला डल्लावारी) आमने-सामने रहे। दोनों ही अखाड़ों ने अपनी-अपनी शैली, तर्क और सुरों के माध्यम से भगवान श्री परशुराम का भव्य गुणगान किया। रसिया गायकों की प्रस्तुति ने श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा और माहौल भक्तिमय व रोमांचकारी बना दिया। कड़े मुकाबले के बाद अंततः निर्णायकों ने परिणाम बराबरी पर घोषित किया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ बसपा नेता एवं आरपीएम ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. अविन शर्मा, वरिष्ठ सपा नेता धीरज पांडेय और गजेंद्र उपाध्याय सहित कई विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। रसिया दंगल का संचालन ब्राह्मण महासभा के उपाध्यक्ष बालकिशन शर्मा बालो गुरु ने प्रभावी ढंग से किया।

इससे पूर्व ब्राह्मण महासभा द्वारा रथयात्रा में विभिन्न माध्यमों से सहयोग देने वाले समाजसेवियों और सहयोगियों को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह का संचालन महासभा के पूर्व अध्यक्ष एवं समाजसेवी बौहरे प्रशांत शर्मा ने किया।।
इस अवसर पर ब्राह्मण महासभा के पूर्व अध्यक्ष संजय शर्मा (बीबीसीएन), कृष्ण बिहारी शर्मा कुलकुल शर्मा, महामंत्री जय शर्मा, कोषाध्यक्ष तरुण शर्मा, राजेंद्र नाथ चतुर्वेदी, अमीकांत शर्मा, पूर्व अध्यक्ष मदन मोहन गौड़, सत्यप्रकाश रंगीला, फोकस ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. विकास शर्मा, विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री प्रवीण खंडेलवाल, नरेंद्र तिवारी, अभिषेक शर्मा ट्रांसपोर्ट, उपाध्यक्ष विशाल सारस्वत, सुशील गौड़, संजीव उपाध्याय, दिलीप उपाध्याय, सचिन, करण शर्मा, मयंक शर्मा, प्रतीक शर्मा, उदित शर्मा, गोविंद शर्मा, चंद्रमोहन शर्मा, नवीन, हर्ष उपमन्यु, नीरज उपाध्याय, हेमकांत, दिनेश गुरु, कृष्ण वल्लभ, कपिल, मोहनीश कांत, जीवनलाल शर्मा, जय तिवारी, राजकुमार कोठीवाल, सुनील वर्मा, ललित कोठीवाल, नितिन सारस्वत, गौरव शर्मा, सुनील गौतम, डॉ. नितिन मिश्रा, आशीष शर्मा लाइट वाले आदि सहित अनेक लोग मौजूद थे।पूरे आयोजन ने न केवल सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत किया, बल्कि समाज में एकता और उत्साह का संदेश भी दिया।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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