तहसील परिसर में एक मामले को लेकर अपनी जमानत की प्रक्रिया पूरी करने एक व्यक्ति को नामजदों ने पुलिस की निगेवानी में जमकर पीट दिया। जिससे व्यक्ति को गंभीर चोटें आई पुलिस ने अथक प्रयास के बाद दबंगों से पीडित को छुडाया और उसे एसडीएम न्यायालय में पेश किया।
शुक्रवार को मिली जानकारी के अनुसार प्राप्त जानकारी के अनुसार, गाँव रहना के योगेंद्र कुमार का पुत्र हर्ष उर्फ मोना को हाथरस गेट पुलिस ने शांति भंग के तहत अभियोग पंजीकृत कर उसे पाबंद किया था। बताते हैं कि बीती 18 मार्च को पुलिस के जवान उसे जमानत के लिए उपजिलाधिकारी एसडीएम सासनी के न्यायालय में जमानत की कार्रवाई पूरी कराने हेतु लेकर आए थे। लेकर आई थे। तभी नामजदों ने उसे घेर लिया और पुलिस अभिरक्षा में उस पर हमला बोल दिया। जिससे उसे काफी चोटें आई। अचानक हुए हमले को देखकर एक बार तो पुलिस जवानों के भी होश फाख्ता हो गयें। मगर उन्होंने बल प्रयोग कर नामजद हमलावरों से हर्ष को छुडाया और उसे न्यायालय में बनी हवालात में बंद कर उसकी जान बचाई। घटना की तहरीर पीड़ित के पिता योगेंद्र कुमार द्वारा दी गई तहरीर के मुताबिक, जब कोर्ट में जमानत की प्रक्रिया चल रही थी, तभी नामजद ने अपने 5-6 अज्ञात साथियों के साथ मिलकर हर्ष पर हमला बोल दिया। आरोप है कि दबंगों ने पुलिस की परवाह किए उसे जान से मारने की नीयत से आए थे, जिसके कारण हर्ष को गंभीर चोटें आई हैं। इस मामले में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सासनी अवधेश कुमार को कड़ी कानूनी कार्रवाई हेतु लिखित शिकायत दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गुरूवार की देर शाम सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि तहसील जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर, जहाँ हर वक्त पुलिस तैनात रहती है, वहां इस तरह की वारदात ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है।












