
हाथरस जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों में आवारा कुत्तों का आतंक है और कुत्ते आए दिन कहीं ना कहीं बड़े, बच्चे, बूढ़े व महिलाओं आदि पर हमले कर उन्हें अपना शिकार बनाकर घायल कर रहे हैं। वही रातों में सड़कों पर अकेले निकलना दूभर हो गया है तथा आवारा कुत्तों के काटने की घटनाओं से जिला अस्पताल में भी एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हो गया है। सादाबाद क्षेत्र के गांव मढ़नई में आवारा कुत्तों के हमले की घटना सामने आई है। खेत से घर लौट रही एक युवती पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया, जिससे उसके हाथ में गंभीर चोट आयी है। युवती को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। बताया जाता है कोतवाली सादाबाद क्षेत्र के गांव मढ़नई निवासी 24 वर्षीय तनु नौहवार पुत्री दीपू चैधरी आज पशुओं के लिए बरसीम लेकर खेत से घर लौट रही थीं। रास्ते में आवारा कुत्तों के एक झुंड ने उन पर हमला कर दिया। एक कुत्ते ने उनके दाहिने हाथ को बुरी तरह काट लिया। तनु की चीख सुनकर ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे और कुत्तों को भगाकर उन्हें बचाया। परिजनों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। बताया जाता है घायल तनु नौहवार सेना में भर्ती की तैयारी कर रही हैं। इसी महीने उनका बीएसएफ में असिस्टेंट कमांडिंग ऑफिसर पद के लिए स्किल टेस्ट होना है। इस हमले के कारण उनकी तैयारी और भविष्य को लेकर परिवार चिंतित है। जनपद में अलग-अलग स्थानों पर भी आवारा कुत्तों के आए दिन हमले करने की घटनाएं सामने आ रही है और जिला अस्पताल में भी मरीजों की भारी भीड़ एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुँच रही है। आज बागला जिला अस्पताल की ओपीडी में करीब 300 मरीज एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंचे हैं। गांवों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और पहले भी कई लोगों पर हमले हो चुके हैं। ग्रामीणों ने कई बार ग्राम प्रधान से इन कुत्तों को पकड़वाने की मांग की है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है।लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़वाने के लिए तत्काल कार्यवाही की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।












