थार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराईः एनएसजी कमांडो की मौतः3 गंभीर

सादाबाद अपने दोस्त के घर होली खेल कर लौट रहे एक एनएसजी कमांडो की थार गाड़ी नियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई और युवा एनएसजी कमांडो की हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। जबकि उनके 3 दोस्त भी गंभीर रूप से घायल हो गए और दोस्तों की हालत गंभीर है। घटना की खबर से एनएसजी कमांडो के परिवार में भारी कोहराम मच गया है।
बताया जाता है जनपद मथुरा के थाना राया क्षेत्र निवासी एनएसजी कमांडो करीब 32 वर्षीय योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा कल गुरुवार को अपने दोस्त के घर हाथरस में होली खेलने थार गाड़ी से आए थे। आज सुबह वह वापस मथुरा लौट रहे थे तथा थार गाड़ी को एनएसजी कमांडो योगेंद्र सिंह ही चला रहे थे। रास्ते में कोतवाली क्षेत्र के गांव पलावत के निकट अचानक थार गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। घटना की खबर से मौके पर भारी हड़कंप मच गया और आसपास के लोगों ने घटना की की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने चारों घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां कमांडो की मौत हो गई।
बताया जाता है टक्कर इतनी भीषण थी कि थार गाडी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार का गेट और पहिए तक अलग हो गए। एयरबैग खुला, लेकिन कमांडो की जान नहीं बच सकी। उक्त हादसा आज सुबह करीब 3 बजे का बताया जाता है। बताया जाता है एनएसजी कमांडो योगेंद्र सिंह व उनके तीन दोस्त विष्णु कुमार, सत्यवीर सिंह और जीतू भी इसी इलाके के रहने वाले हैं तथा 28 वर्षीय विष्णु कुमार नेवी में तैनात हैं। उनकी तैनाती विशाखापत्तनम में है, जबकि 32 वर्षीय सत्यवीर और 30 वर्षीय जितेंद्र मथुरा में ही रहते हैं।
बताया जाता है होली पर योगेंद्र अपने तीनों दोस्तों विष्णु कुमार, सत्यवीर सिंह और जीतू के साथ हाथरस में रहने वाले एक दोस्त से मिलने गए थे। पुलिस ने एंबुलेंस से सभी को अस्पताल पहुंचाया। जहॉ सीएचसी में प्राथमिक इलाज के बाद आगरा रेफर कर दिया। आगरा पहुंचने पर परिजनों ने कमांडो योगेंद्र सिंह को मिलिट्री हॉस्पिटल मथुरा में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बाकी तीनों दोस्तों का आगरा में इलाज चल रहा है। बताया जाता है मृतक एनएसजी कमांडो योगेंद्र सिंह की राजस्थान में पोस्टिंग थी और 25 दिन पहले छुट्टी पर आए थे। योगेंद्र सेना में साल 2010 में भर्ती हुए थे। परिवार में माता-पिता, पत्नी एकता सिंह, 5 साल की बेटी और 4 माह का बेटा है। योगेंद्र 25 दिन पहले छुट्टी लेकर घर आए थे। योगेंद्र के बड़े भाई धर्मेंद्र ने बताया कि तीन भाइयों में योगेंद्र सबसे छोटे थे। 31 मार्च 2026 को योगेंद्र की नौकरी के 15 साल पूरे होने थे। इसके बाद वह वीआरएस लेने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया।
घटना को लेकर पुलिस क्षेत्राधिकारी ने बताया कि कोतवाली में अभी तक किसी ने कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। घायलों को उनके परिजन आगरा ले गए थे, जहां से एनएसजी कमांडो के परिजन उन्हें मथुरा ले गए। वहां इलाज के दौरान मौत हो गई।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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