
हाथरस। थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा सराहनीय कार्य करते हुए डिजिटल हस्ताक्षर करके कम्पनी के डायरेक्टर पद से त्यागपत्र एवं कम्पनी के बैंक में सह-खातेदार से हटाने एवं टैंडर के रूपये हडपने वाले 2 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
पुलिस के मुताबिक गत 6 जनवरी को नवल किशोर शर्मा पुत्र स्व. मुंशीलाल शर्मा निवासी एफ 12 वाटर वक्र्स कालौनी द्वारा थाना साइबर क्राइम पर सूचना दी कि एक कंपनी मैनी सक्सैना ट्रांसपोर्ट के डायरेक्टर थे । कंपनी के अन्य डायरेक्टर व प्रतिनिधियांे ने मिलकर नवल किशोर शर्मा को बिना बताये उनके त्यागपत्र पर फर्जी डिजीटल हस्ताक्षर कर षडयंत्र कर आरओसी ऑफिस कानपुर मंे भेजकर डायरेक्टर के पद से हटा दिया तथा कंपनी की ठेकेदारी मंे किये गये कार्य से प्राप्त राशि को धोखा देकर हडप लिया है। तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं मे अभियोग पंजीकृत किया गया।
पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के आदेशानुसार साइबर अपराधियों की धर पकड हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन व क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम के कुशल नेतृत्व मे टीमों का गठन किया गया। जिसके क्रम में थाना साईबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा टैक्नीकल इंटैलीजेंस आदि का प्रयोग कर साक्ष्य एकत्र करते हुए गत 21 फरवरी को धोखाधडी कर डिजिटल सिग्नेचर का प्रयोग कर कम्पनी के डायरेक्टर पर से त्यागपत्र दिलाने एवं बैंक में डिजिटल सिग्नेचर का प्रयोग कर कम्पनी के सहखाते से हटाने के अभियोग में आरोपी अक्षय मैनी व नरेन्द्र मैनी को जनपद मुरादाबाद के थाना मूढा पांडेय क्षेत्र स्थित आयसर की एजेंसी से गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक नवल किशोर शर्मा एक मैनी ट्रांसपोर्ट कंपनी के डायरेक्टर थे। जब उस कंपनी का टैंडर का पेमेंट आने वाला था, तब उस कंपनी के दूसरे डायरेक्टर अक्षय मैनी व नरेन्द्र मैनी कंपनी के सीएस निखिल रस्तोगी व संदीप शर्मा ने मिलकर एक षडयंत्र के तहत मार्च 2024 मे कंपनी का इनकम टैक्स रिटर्न भरने के नाम पर नवल किशोर शर्मा से उनके डिजीटल हस्ताक्षर ले लिये। निखिल रस्तोगी ने कंपनी के डायरेक्टर अक्षय मैनी व नरेन्द्र मैनी व संदीप शर्मा के साथ मिलकर नवल किशोर शर्मा के डिजीटल हस्ताक्षर नवल किशोर शर्मा को बिना जानकारी दिये उनके त्यागपत्र पर लगाकर आरओसी ऑफिस कानपुर भेज दिया गया। इस प्रकार षडयंत्र कर कंपनी की ठेकेदारी मे किये गये कार्य से प्राप्त धनराशि जो एचडीएफसी बैंक मे आई और उसे अपने स्वार्थ के लिए उपयोग कर लिया उसके बाद किसी तरह से पीएनबी बैंक में आये धन को भी खुर्द- बुर्द कर दिया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों द्वारा पूछताछ करने पर बताया कि नरेन्द्र मैनी व उसका पुत्र अक्षय मैनी, मैनी सक्सेना ट्रान्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड रामपुर का प्रतिनिधि है। इस कम्पनी के अन्य डायरेक्टर/ पार्टनर अक्षय मैनी, अनीता मैनी, आदित्य रंजन, पंकज नारंग, सन्दीप शर्मा (प्रतिनिधि) है व निखिल रस्तोगी कम्पनी सेक्रेटरी जो कि हमारी कम्पनी का वित्तीय कामकाज, इनकमटैक्स रिटर्न व जीएसटी का काम देखता है। हम दोनों व सन्दीप शर्मा ने हाथरस के नवल किशोर शर्मा से हाथरस एवं मुरसान ब्लाक के सिंगल स्टेज डोर स्टैप डिलेवरी की पार्टनरशिप के लिये संपर्क किया था, जिसमे नवलकिशोर शर्मा को हमने अपनी कम्पनी मैनी सक्सेना ट्रान्सपोर्ट लिमिटेड में डायरेक्टर नियुक्त किया और कम्पनी के सिविल लाइन्स रामपुर के एचडीएफसी बैंक में सहखातेदार बनाया और हाथरस में जुलाई 2022 से 2024 तक आरएफसी व पीसीएफ के टैन्डर के काम में नवल किशोर शर्मा व जय शर्मा व नवल किशोर शर्मा के पुत्र तरुण शर्मा ने कार्य किया और अपना काफी पैसा उस टैन्डर को पूरा करने में लगा दिया। जब टैन्डर का कार्य खत्म हो गया जिसके एवज में एचडीएफसी बैंक में टैन्डर मे किये गये। कार्य की धनराशि आनी थी तो हम दोनों व संदीप शर्मा, निखिल रस्तोगी के मन में लालच आ गया और नवल किशोर शर्मा को मैनी सक्सेना ट्रान्सपोर्ट कम्पनी के डायरेक्टर पद से हटाने एवं कम्पनी के एचडीएफसी बैंक के खाते से नवल किशोर शर्मा का नाम हटाने की योजना बनाई। माह मार्च में योजनानुसार कम्पनी का रिटर्न भरने के नाम पर निखिल रस्तोगी ने नवल किशोर शर्मा से मोबाइल से बात कर भरोसे में लेकर नवल किशोर शर्मा के डिजीटल हस्ताक्षर ले लिये और रामपुर में एक साइबर कैफे खोजा जिसमें कोई सीसीटीवी कैमरे न लगे हो और ना ही वहाँ कोई एन्ट्री रजिस्टर हो जिसके उपरान्त मार्च 2024 में हम लोगों ने साइबर कैफे से नवल किशोर शर्मा के डिजीटल सिग्नेचर को उनके कम्पनी के डायरेक्टर पद के त्याग पत्र पर लगाकर अपलोड कर दिया। कम्पनी रजिस्ट्रार आफिस कानपुर भेज दिया । जिसके एवज में निखिल रस्तोगी को हमने 1 लाख रुपये नगद दिये थे व संदीप शर्मा को करीब साढे चार लाख रुपये दिये थे और उसके बाद मैनी सक्सेना ट्रान्सपोर्ट प्राइवेट कम्पनी के एचडीएफसी बैंक के सहखाते से भी नवल किशोर शर्मा को भी अलग कर दिया और टेन्डर के कार्य से आयी एचडीएफसी बैंक की धनराशि को हजम कर लिया और नवल किशोर शर्मा को उसके कार्य का हिस्सा नही दिया तथा मैनी सक्सेना ट्रान्सपोर्ट कम्पनी का दूसरा पंजाब नैशलन बैंक का खाता लगवा दिया । कम्पनी द्वारा हाथरस मे लिये गये टैन्डर के कार्य की धनराशि पंजाब नैशनल बैंक के खाते मे आना शुरु हो गयी और धनराशि हमने अपनी निजी देनदारियों व निजी ट्रकों की किश्तो को चुकता करने में खर्च कर दिये।
गिरफ्तार अक्षय मैनी व नरेन्द्र कुमार मैनी से विस्तृत पूछताछ करते हुये जानकारी की जा रही है तथा घटना मे शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास करते हुए पुलिस द्वारा अग्रेत्तर विधिक कार्यवाही की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में अक्षय मैनी पुत्र नरेन्द्र मैनी निवासी हाउस नं. 17 लंगरखाना नीयर ज्वाला पैलेस पीपल टोला सदर रामपुर व नरेन्द्र कुमार मैनी पुत्र कृष्णलाल मैनी निवासी हाउस नं. 17 लंगरखाना स्ट्रीट टैगोर स्कूल पीपल टोला रामपुर हैं।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक आशीष कुमार सिंह साइबर क्राइम व उनकी पूरी टीम शामिल थी।












