एमएलसी गुरुजी ने उठाया पत्रकारों को कैशलेस इलाज व धार्मिक संस्थाओं में विद्युत सब्सिडी देने की मांग

लखनऊ/हाथरस 19 फरवरी। उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह गुरुजी एवं इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह द्वारा विधानसभा में पत्रकारों को कैशलेस इलाज एवं धार्मिक संस्थाओं में बिजली दिल में कटौती वह सब्सिडी दिए जाने की मांग उठाई गई है।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह गुरुजी एवं इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह द्वारा विधानसभा में पत्रकारों को कैशलेस इलाज की सुविधा दिए जाने का मुद्दा सदन में उठाते हुए कहा गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी शिक्षक और उनको परिवारों को कैशलेश इलाज की सुविधा देकर प्रदेश के शिक्षकों व उनके परिवारों को उपहार दिया है। उन्होंने सरकार का ध्यान आकर्षित कराते हुए कहा कि लोकतन्त्र के चैथे स्तम्भ पत्रकारिता का क्षेत्र भी अपने आप मे बड़ा चैलेंज का क्षेत्र है और लोगो की बात सरकार तक पहुंचाने में उनका बड़ा योगदान होता है। प्रदेश की न्यायपालिका में सभी गरीब और न्याय से वंचित लोगो को न्याय दिलाने का कार्य करने वाले अधिवक्ता भाई-बहनों का काम सराहनीय है। विषम परिस्थितियों में भी बड़ी तन्मयता के साथ जन सेवा करने का कार्य करते हैं। ऐसे में मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की संवेदनशील सरकार से अनुरोध है कि प्रदेश के पत्रकारों एवं अधिवक्ता भाई-बहनों को भी कैशलेश इलाज की सुविधा दी जाये।
विधान परिषद में एमएलसी डा.मानवेन्द्र प्रताप सिंह गुरूजी द्वारा धार्मिक संस्थाओं में बिजली बिल के मामले को उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में विद्युत विभाग द्वारा स्कूल, हास्पिटल, मंदिर, मस्जिद एवं अन्य धर्मार्थ परिसरों में एलएमवी-4 के अंतर्गत विद्युत कनेक्शन दिये जाते है जो अनैतिक है। यद्यपि स्कूल, हास्पिटल, मंदिर, मस्जिद एवं अन्य धर्मार्थ संस्थान समाजिक कार्य के लिये प्रतिबद्ध रहती हैं और नो प्राफिट-नो लास के आधार पर संचालित होती है। मंदिर, मस्जिद एवं अन्य धर्मार्थ संस्थान द्वारा धन की व्यवस्था जुटा पाना अत्यंत दुर्लभ होता है। इनकी सेक्योरिटी धनराशि 400/- प्रति किलोवाट है जो बहुत अधिक है। सामाजिक एवं धर्मार्थ प्रयोग होने की दशा में इनकी सेक्योरिटी राशि भी न्यूनतम की जानी चाहिए। मंदिर, मस्जिद एवं अन्य धर्मार्थ संस्थान के बिजली के बिल में भी कटौती होनी चाहिए व सब्सिडी देनी चाहिये जिससे यह सभी धार्मिक संस्थानो का सुगमता से संचालन हो सके।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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