
हाथरस-2 फरवरी। केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट को लेकर जहां भारतीय जनता पार्टी द्वारा बजट को आम जनता का बजट बताते हुए देश के आम आदमी का बजट बताया जा रहा है। वही विपक्षी दलों द्वारा बजट को निराशाजनक बताया जा रहा है।
बजट पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया देते हुए विवेक उपाध्याय जिलाध्यक्ष कांग्रेस ने कहा है कि पेश किया गया बजट आम जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता। यह बजट महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की बदहाली जैसे ज्वलंत मुद्दों पर पूरी तरह मौन है। युवाओं के लिए न ठोस रोजगार योजना है, न ही किसानों को लागत के अनुरूप एमएसपी की गारंटी। महिलाओं, गरीबों और मध्यम वर्ग को सिर्फ जुमलों से बहलाया गया है, जबकि जमीनी राहत नदारद है। यह बजट विकास कम, प्रचार अधिक और जनता की जेब पर बोझ डालने वाला है। कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी बजट का कड़ा विरोध करती है और जनता के हक के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
जिला प्रवक्ता जिला कांग्रेस कमेटी डॉ. मुकेश चंद्रा ने कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार ने जो 2026 का बजट पेश किया है, वह बिल्कुल निराशाजनक है। ना तो युवाओं, किसान, व्यापारी, मध्यम वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए कोई भी ठोस कदम उठाए नहीं गए हैं। अगर किसी को खुश किया तो कॉरपोरेट जगत को खुश किया है।
कासगंज के कांग्रेस जिला कोऑर्डिनेटर एवं पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने केंद्र सरकार का बजट बड़े दावों से भरा हुआ है, लेकिन जमीनी हकीकत से कटा हुआ नजर आता है। महँगाई, बेरोजगारी और किसानों की आमदनी जैसे मूल सवालों पर बजट में कोई ठोस समाधान नहीं दिखता। हाथरस जैसे कृषि एवं श्रम आधारित जनपदों के लिए विशेष प्रावधानों का अभाव निराशाजनक है। कांग्रेस पार्टी मानती है कि बजट आम आदमी की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। कागज पर खुशहाली लिख दी गई, पर रसोई अब भी खाली है। बजट में आमजन की आवाज नहीं, बस आँकड़ों की एक थाली है।












