तहसील परिसर में यूजीसी एक्ट के विरोध में अधिवक्ताओं ने एकत्रित होकर राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
शनिवार को तहसीलदार रजत कुमार को अधिवक्ताओं ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि भारत सरकार का यूजीसी एक्ट जनता के साथ जातिगत आधार पर भेदभाव को दर्शाता है। यूजीसी एक्ट लागू होने से सवर्ण वर्ग के योग्य विद्यार्थियों के साथ खिलवाड़ होगा। जिसके कारण विद्यार्थियों में भय का माहौल है। यूजीसी एक्ट भारत के युवाओं को उकसाने का प्रयास है। ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति से यूजीसी एक्ट को वापस लेने की मांग की है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यूजीसी एक्ट वापस नहीं लिया गया तो अधिवक्ता आंदोलन करेंगे जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में पीके सिंह, प्यारेलाल शर्मा, प्रशांत पाठक, भंवर पाल सिंह, केके कुलश्रेष्ठ, राजन लाल शर्मा, धर्मवीर सिंह, मनवीर सिंह, वकील सिंह तोमर, कृष्ण सिंह तोमर, महेश तोमर, पंकज गौड़, राजेश शर्मा, योगेश शर्मा, राजेश लवानिया, भरत सिंह बघेल, सतीश बांगर, सुरेश कुमार, सुभाष सिंह, सुनील दत्त पाठक, योगेंद्र सिंह, हर्षित लवानिया सहित कई अन्य अधिवक्ता मौजूद थे।












