हाथरस। मध्यस्थता केंद्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आज जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनु चौधरी की अध्यक्षता में चल रहे मध्यस्थता अभियान-2.0 के अन्तर्गत वैवाहिक मामले में समझौता कराया गया है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चौधरी एवं मध्यस्थ अधिवक्ता जालिम सिंह के अथक प्रयास से रेनू बनाम मनोज के वैवाहिक मामले में दोनों पक्षकारों के मध्य सुलह-समझौता कराया गया तथा दोंनों पक्षकारों की समस्याओं को गंभीरता एवं धैर्यपूर्वक सुना, उन्हें आपसी संवाद हेतु प्रेरित किया तथा विश्वास एवं सहयोग की भावना के आधार पर समझौते की स्थिति तक पहुँचाया। कुशल मध्यस्थता से दोनों पक्षों में लंबे समय से चल रहे विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान संभव हो सका। सचिव अनु चौधरी ने कहा कि मध्यस्थता विवादों के निस्तारण का सबसे प्रभावी एवं सहज माध्यम है। यह प्रक्रिया न केवल समय एवं धन की बचत करती है, बल्कि समाज में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का प्रयास है कि अधिकाधिक वादों का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से कराया जाए, जिससे जनसामान्य को शीघ्र न्याय उपलब्ध हो सके।












