सैकड़ों किसानों को भारी नुकसान:एनएचएआई पर लापरवाही का आरोप: हाइवे जाम करने की चेतावनी
सिकन्द्राराऊ। कोतवाली क्षेत्र के हाथरस रोड स्थित गांव सुआ मोहनपुरा में जलभराव ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। लगातार हुई बारिश के बाद करीब 700 बीघा से अधिक फसल पानी में डूब गई है। किसानों का आरोप है कि एनएचएआई द्वारा हाईवे किनारे बनाई गई गलत जल निकासी व्यवस्था के कारण बारिश का पानी खेतों में भर गया। नाराज किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पानी की निकासी नहीं कराई गई और उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे हाईवे जाम कर उग्र आंदोलन करेंगे।

क्षेत्र के गांव सुआ मोहनपुरा में बारिश के बाद खेत तालाब बन गए हैं। जिससे सैकड़ों किसानों की फसलें पानी में डूबकर बर्बाद हो गई है। किसानों का कहना है कि करीब 700 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो चुकी है। जिससे लाखों रूपए का नुकसान होने की आशंका है।ग्रामीणों का आरोप है कि एनएचएआई ने हाईवे निर्माण के दौरान पुराने नालों को बंद कर दिया और नई जल निकासी व्यवस्था वैज्ञानिक तरीके से नहीं बनाई। उनका कहना है कि नाले की ऊंचाई खेतों से अधिक होने के कारण बारिश का पानी खेतों से बाहर नहीं निकल पा रहा है, बल्कि आसपास के खेतों और घरों में भर रहा है।
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी की उचित व्यवस्था की गई होती तो इतनी बड़ी मात्रा में फसल बर्बाद नहीं होती। कई दिनों से खेतों में भरे पानी के कारण फसलें सड़ने लगी है और किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन, तहसील प्रशासन और एनएचएआई से तत्काल जल निकासी एवं फसल क्षति का सर्वे कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है।। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे हाईवे जाम कर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।












