राष्ट्रीय विप्र एकता मंच ने दी चेतावनी, मुकदमा व मुआवजा न मिलने पर करेंगे धरना प्रदर्शन
सिकंदराराऊ । हाथरस के मुख्य डाकघर में एक कर्मचारी की कथित संवेदनहीनता के कारण सीढ़ियां चढ़ते समय हुई बुजुर्ग महिला की मौत का मामला अब गरमा गया है। इस दुखद घटना को लेकर सामाजिक और राजनैतिक संगठनों में भारी आक्रोश है। इसी क्रम में राष्ट्रीय विप्र एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मित्रेश चतुर्वेदी ने कासगंज रोड स्थित पीड़िता श्रेया दीक्षित के आवास पर पहुंचकर रविवार को शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और ढांढस बंधाया। पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे राष्ट्रीय विप्र एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मित्रेश चतुर्वेदी ने इस घटना को बेहद दुखद और अमानवीय बताया। उन्होंने शासन-प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आरोपी कार्यालय सहायक पर जल्द से जल्द मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार नहीं किया गया और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा नहीं दिया गया, तो उनका संगठन चुप नहीं बैठेगा। मांगें पूरी न होने पर राष्ट्रीय विप्र एकता मंच पूरे संगठन के साथ धरने पर बैठने और उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा।
शिकायतकर्ता श्रेया दीक्षित के अनुसार, उनके दिवंगत पिता रामसेवक शर्मा भारतीय डाक विभाग में कार्यरत थे। उनकी मृत्यु के बाद नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़े दस्तावेज़ों की औपचारिकताएं पूरी करने के नाम पर मुख्य डाकघर हाथरस के कार्यालय सहायक रिंकू चौधरी द्वारा पिछले 11 महीनों से उन्हें परेशान किया जा रहा था। दिनांक 4 जून 2026 को श्रेया अपनी बुजुर्ग माँ श्रीमती राधा रानी को लेकर डाकघर पहुँचीं, जो गंभीर अस्थमा और मोटापे से पीड़ित थीं। कार्यालय ऊपरी मंजिल पर होने के कारण श्रेया ने कर्मचारी रिंकू चौधरी से नीचे आकर हस्ताक्षर लेने का अनुरोध किया, जिसे उसने साफ ठुकरा दिया। मजबूरी में जब बीमार बुजुर्ग महिला को सीढ़ियों से ऊपर ले जाया जा रहा था, तभी सांस उखड़ने के कारण डाकघर की सीढ़ियों पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। परिवार ने पहले ही पुलिस अधीक्षक (हाथरस) को शिकायती पत्र देकर आरोपी कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। अब राष्ट्रीय विप्र एकता मंच के समर्थन में आने से प्रशासन पर त्वरित कार्रवाई करने का दबाव बेहद बढ़ गया है। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष शर्मा, पंडित चेतन शर्मा, विशाल दिक्षित, आकाश शर्मा, अशोक शर्मा, शिवम दीक्षित आदि मौजूद रहे












