हाथरस। यूपीसीडा द्वारा सलेमपुर परियोजना में स्थानीय उद्योगपतियों को भूमि अलॉटमेंट ना करके प्रदेश से बाहर के उद्योगपतियों को प्रोत्साहन देना सरकार की नीति एवं रीति के खिलाफ है। हाथरस के औद्योगिक विकास में स्थानीय उद्योगपतियों ने अपना खून पसीना बहाकर अपनी मेहनत और लगन से जनपद का नाम उत्तर प्रदेश के साथ संपूर्ण भारत में विख्यात किया है।
फेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया व्यापार मंडल द्वारा के जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल द्वारा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन औद्योगिक विकास हेतु सदर विधायक श्रीमती अंजुला माहौर एवं जिलाध्यक्ष भाजपा प्रेम सिंह कुशवाहा को सौंपकर अनुरोध किया है कि यूपीसीडा के माध्यम से स्थानीय उद्योगपतियों को प्रोत्साहन देने का निर्देश जारी करें,जिससे यहां उद्योग धंधे के अलावा स्थानीय श्रमिकों को लाभ मिल सके एवं हाथरस का संपूर्ण विकास हो सके। रोजगार के अवसर स्थानीय युवा बेरोजगारों को मिल सके। जनपद में औद्योगिक पार्क का निर्माण अति आवश्यक है, जिससे कुटीर एवं लघु उद्योग धंधे विकसित होकर विकासशील भारत में अपनी भूमिका निभा सकें। उत्तर प्रदेश के विकास के लिए औद्योगिक पार्क अति आवश्यक है।
उन्होंने कहा है कि औद्योगिक पार्क के निर्माण से जनपद के कुटीर एवं लघु उद्योग धंधों द्वारा छोटे-छोटे कामगारों को रोजगार के अवसर प्रदान होंगे। संपर्क मार्गों को हाईवे से जोड़कर कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिल सके, क्योंकि हाथरस, आगरा, मथुरा ,अलीगढ़, एटा सीमा से लगा हुआ है। जनपद को बने हुए कई साल हो गए किंतु जीएसटी कार्यालय छोटे से किराए के भवन में चल रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा भूमि उपलब्ध एवं प्रस्ताव पास होने तथा प्रशासन की संस्सुति होने के पश्चात भी निर्माण कार्य की मंजूरी प्रदेश शासन द्वारा अभी तक नहीं दी जा सकी है, जिसको तत्काल दिलवाकर व्यापारी एवं उद्योग हित में शीघ्र कार्यवाही करें। जनपद का प्राचीन मुख्य मंदिर श्री दाऊजी महाराज किला चारों तरफ से अवैध अतिक्रमण कर रखा है। उक्त विषय को विशेष संज्ञान में लेकर मंदिर को अतिक्रमण से मुक्त कराकर प्रतिवर्ष लगने वाले मेला श्री दाऊजी महाराज की भव्यता को विशाल रूप दिया जा सकता है अनुरोध है उक्त मांग जनपद की जनता के हित में उद्योग विकास के हित में है, जिससे हाथरस का कायाकल्प हो जाएगा। उत्तर प्रदेश में हाथरस का उद्योग धंधों में विशाल स्थान है।












