बुढ़ापे में सहारे की जगह मिली उपेक्षा और मानसिक प्रताड़ना


वृद्ध दंपती ने लगाया पुत्रवधुओं पर उत्पीड़न का आरोप

सिकंदराराऊ। सोमवार को विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर जहां समाज में बुजुर्गों के सम्मान और सुरक्षा की बात की जा रही थी । वहीं कोतवाली क्षेत्र के गांव इकबालपुर से एक ऐसा मामला सामने आया ,जिसने रिश्तों और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। 80 वर्षीय सुखराम और उनकी 70 वर्षीय पत्नी सावित्री देवी ने अपनी ही पुत्रवधुओं पर उपेक्षा, मानसिक प्रताड़ना और भोजन तक न देने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से मदद मांगी है।
सोमवार को कोतवाली पहुंची वृद्ध दंपती ने पुलिस को बताया कि उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें परिवार के सहारे और देखभाल की जरूरत है, लेकिन उन्हें रोजाना उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि बहुएं समय पर भोजन नहीं देतीं और अक्सर मानसिक रूप से परेशान करती हैं। वृद्ध दंपती का कहना है कि परिवार में रहते हुए भी वे खुद को अकेला और असहाय महसूस कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कई बार उन्हें अपने अधिकारों और जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है।सबसे भावुक करने वाला पक्ष सावित्री देवी की पीड़ा रही। उन्होंने बताया कि कुछ समय पूर्व उनकी आंखों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें आराम नहीं मिला।
वृद्घा सावित्री देवी का आरोप है कि उन्हें लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने के लिए मजबूर किया जाता है। चूल्हे से निकलने वाले धुएं ने उनकी आंखों पर बुरा असर डाला और अब एक आंख की रोशनी भी प्रभावित हो गई है। उन्होंने कहा कि उम्र और स्वास्थ्य दोनों साथ नहीं दे रहे, फिर भी मजबूरी में काम करना पड़ रहा है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और उन्हें आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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