आईजीआरएस पोर्टल,जनता दर्शन पोर्टल व सम्पूर्ण समाधान दिवस की सीएम करें समीक्षा

हाथरस। राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश सचिव सूरजपाल सिंह नेताजी द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर कहा है कि आईजीआरएस पोर्टल तथा जनता दर्शन पोर्टल जिस उद्देश्य के लिये बनाया गया था, उसका सही-सही जनता को समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। इधर विगत दो वर्षों से आईजीआरएस पोर्टल एवं जनता दर्शन पोर्टल से फीडबैक डिटेल गायब कर दिया गया है, जिससे शिकायतकर्ता स्वयं संतुष्ट अथवा असंतुष्ट फीडबैक नहीं डाल सकता है और यदि पहले से असंतुष्ट फीडबैक कर्मचारी द्वारा दर्शाया गया है तो स्पेशल क्लोज दिखाकर शिकायत का निस्तारण कर दिया जा रहा है।

शिकायती पत्र में रालोद नेता सूरजपाल सिंह नेताजी ने कहा है कि आईजीआरएस पोर्टल एवं जनता दर्शन पोर्टल मात्र दिखावा पोर्टल बन चुका है। उत्तर प्रदेश सरकार की जो मन्शा थी कि पीड़ित जनता को सच्चा न्याय मिले, लेकिन कर्मचारी और अधिकारी मात्र खानापूर्ति करके अपने पद का उत्तरदायित्व सही नहीं निभा रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि मुख्यमंत्री स्वयं प्रत्येक महीने इसकी समीक्षा करें। जिससे पीड़ित जनता को समुचित सही न्याय नहीं मिल सके और दिन-प्रतिदिन आईजीआरएस पोर्टल एवं जनता दर्शन पोर्टल का स्तर गिरता जा रहा है। पीडीएफ भेजे गये प्रत्येक शिकायत क्रमांक पर असंतुष्ट फीडबैक लिखा गया है, जिसे स्पेशल क्लॉज लगाकर शिकायत को बंद कर दिया जाता है और शिकायत का जो मुख्य बिन्दु है कर्मचारी और अधिकारियों द्वारा उसको दरकिनार करते हुए मात्र सिर्फ खानापूर्ति करते हुए झूठी रिपोर्ट लगाकर शिकायत का अन्तिम निस्तारण कर दिया जाता है। जो जांच का विषय है। आईजीआरएस पोर्टल एवं जनता दर्शन पोर्टल पर कर्मचारी और अधिकारी अपनी मनमर्जी से गलत/झूठी रिपोर्ट लगाकर आपकी नजर में अच्छा कार्य दर्शा कर अपने-अपने जनपद में प्रथम स्थान अथवा अन्य स्थान पाकर अपनी पीठ थपथपाने में लगे हुए हैं तथा जिससे शासन की छवि खराब हो रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि आईजीआरएस पोर्टल तथा जनता दर्शन पोर्टल एवं सम्पूर्ण समाधान दिवस की तरफ अपना ध्यान केन्द्रित कर प्रदेश की पीड़ित जनता की अनदेखी करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को चिन्हित कर जनता को सच्चा/सही न्याय दिलाने के लिये प्रभावी कठोर कदम उठाये जाने की आवश्यकता है, जिससे प्रदेश की पीड़ित जनता को सच्चा/सही समय से न्याय मिल सके।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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