बुजुर्गों का सम्मान हमारी समृद्ध परंपरा और संस्कारों की असली पहचानः पंडित रामनिवास, वरिष्ठ नागरिकों का लिया आशीर्वाद, छात्रों ने कविताओं और विचारों से किया मंत्रमुग्ध

गांव नगला ताल स्थित गीतांजलि इंटर कॉलेज में बुजुर्ग दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यिक संस्था साहित्यानंद के संस्थापक पंडित रामनिवास उपाध्याय ने की, जबकि मंच संचालन राजवीर पाठक ने किया।
रविवार को समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पंडित रामनिवास उपाध्याय ने कहा कि बुजुर्गों का आदर व सेवा करना केवल हमारा नैतिक कर्तव्य ही नहीं, बल्कि हमारी भारतीय संस्कृति और संस्कारों की मूल पहचान है। वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव और मार्गदर्शन से ही समाज को सही दिशा मिलती है। कॉलेज के प्रधानाचार्य गौरव कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को संस्कारयुक्त शिक्षा ग्रहण करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को अपने बुजुर्गों का सदैव सम्मान करना चाहिए और उनके आशीर्वाद से अपने उज्ज्वल भविष्य की नींव रखनी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए और भावनापूर्ण कविता पाठ प्रस्तुत कर सभी उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर वरिष्ठ नागरिक दिनेश कुमार शर्मा, कांति प्रसाद पाराशर तथा दिनेश कुमार भारद्वाज ने भी अपने विचार रखे और बच्चों को देश का जिम्मेदार व गौरवशाली नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं ने पूरी श्रद्धा के साथ बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

sunil sharma
Author: sunil sharma

REPORTER SASNI

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