आगरा अलीगढ राजमार्ग मौजूद फक्कड़ बाबा की मजार में चल रहे उर्स में महफिले समां का प्रोग्राम किया गया जिसमें कब्बालों ने बाबा की शान में कब्बालियां पेश की।
जुमेरात से उर्स का प्रोग्राम ईशा की नमाज के बाद पूरे रस्मो रिवाज के साथ कुल शरीफ महफिले शमां मीलाद के साथ किया गया प्रोग्राम में दूर दराज से आये और कव्वालों ने भी बाबा की शान में कव्वालियां पेश की प्रोग्राम का आगाज पूर्व ब्लॉक प्रमुख पति चैधरी अर्जुन सिंह ने फीता काटकर किया ये सभी प्रोग्राम हाजी इरफान संदली की सरफरस्ती में किया गया। जुमे (शुक्रवार) की देर रात दरगाह पर हुए महफिले समां में दूर दराज से आए कब्बालों ने सुनाया कि तुम चाहो तो उजड़ी हुई बस्ती को बसा दो, बिगड़ी हुई हर शख्श की तकदीर बदल दो। कब्बाल इरशाद बहजोई ने सुनाया कि मेरे पीर का हुस्न-ए-जलाल है, मेरी नजर में तेरी नजर सबसे बे-मिसाल है।

कब्बाल कल्लू खां बनारस ने सुनाया कि तू ही किब्ला मेरा तू ही ईमान है, ऐ सनम तू मेरी जान है-जान है। इसके साथ ही इस्तखार अमरोहा, भूरे खां कुदरकी, शमीम कुदरकी आदि जगहों से आए कब्बालों ने बाबा की शान में कब्बालियां पेश कीं। उर्स में अकीकतमंदों ने बाबा की मजार पर चादरपोशी की गई, फिर गुसल हुआ उसके बाद महफिले संमा का कार्रक्रम हुआ। सुबह कुल शरीफ के दौरान सैकड़ों की तादात में अकीकतमंदों ने शिरकत की। कुरान-ए-शरीफ की आयतें पढ़ी गई। उर्स में इंतजामियां कमेटी के सदर हाजी मोहम्मद इरफान संदली और शकील बिजली वाले, मलखान सिंह, साहिल संदली, ज्ञान प्रकाश साकिम, मोनू, इमरान हाशमी, कल्लू मास्टर आदि तमाम अकीकतमंद मौजूद रहे।









