हाथरस। केंद्रीय विद्यालय में छात्र-छात्राओं द्वारा मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए अपने मन की बात, अपेक्षाओं, सपनों एवं सुझावों पर आधारित चिट्ठी लेखन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं, विचारों एवं भविष्य की आकांक्षाओं को पत्र के माध्यम से व्यक्त करने का अवसर प्रदान करना रहा।
इस अवसर पर जिलाधिकारी अतुल वत्स एवं पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने विद्यालय पहुंचकर छात्र-छात्राओं से संवाद स्थापित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी कक्षा, अध्ययनरत विषयों तथा उनकी रुचियों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं से चिट्ठी लेखन के अनुभव के बारे में पूछा और जाना कि अपने विचार एवं सपने चिट्ठी के माध्यम से व्यक्त करते हुए उन्हें कैसा महसूस हुआ।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों से उनकी पसंदीदा खेल गतिविधियों के बारे में भी जानकारी ली। छात्र-छात्राओं में खेलों के प्रति रुचि एवं सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विद्यालय को कैरम बोर्ड भेंट किया गया तथा जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने छात्र-छात्राओं के साथ कैरम खेलकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कहा कि यह अभियान पुलिस-प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र लिखने की पहल है। मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के विकास और जनहित में किए जा रहे कार्यों से प्रेरणा लेते हुए विद्यार्थियों को अपने मन की बात, अपेक्षाओं, सुझावों और सपनों को पत्र के माध्यम से व्यक्त करने का अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, रील और शॉर्ट्स कल्चर से कुछ समय निकालकर क्रिएटिव राइटिंग की ओर प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि बच्चे कुछ समय बैठकर यह सोचें कि उन्होंने क्या पढ़ा, वे क्या करना चाहते हैं, जीवन में आगे किस क्षेत्र में जाना चाहते हैं और अपने देश के लिए किस प्रकार योगदान देना चाहते हैं। इन विचारों को कागज पर लिखने से उनकी रचनात्मकता और अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित होगी।
उन्होंने कहा कि परीक्षाएं भी अभी मुख्य रूप से पेन-पेपर मोड में ही होती हैं, इसलिए बच्चों को पत्र लिखने और अपने विचारों को व्यवस्थित ढंग से कागज पर प्रस्तुत करने का अभ्यास होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जब बच्चों से पूछा गया कि क्या उन्होंने पहले कभी इनलैंड लेटर देखा है या पत्र लिखा है, तो अधिकांश बच्चों ने बताया कि वे पहली बार पत्र लिख रहे हैं। पत्र लिखने के अनुभव के बारे में पूछने पर बच्चों ने इसे बहुत अच्छा अनुभव बताया। जिलाधिकारी ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को पुनः क्रिएटिव राइटिंग की ओर एक सकारात्मक रास्ता दिखाना है। बच्चे अपने विचारों को सही ढंग से व्यक्त करें और कागज पर लिखें। उनकी जो भी अपेक्षाएं और सुझाव होंगे, उन्हें समुचित रूप से आगे प्रेषित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि अधिक से अधिक बच्चों के बीच पहुंचकर उनसे संवाद स्थापित किया जाए और उनकी सोच, सपनों एवं अपेक्षाओं को समझा जाए।
इस दौरान अधिकारियों ने विद्यार्थियों से उनके माता-पिता के व्यवसाय के संबंध में भी जानकारी ली तथा उनके साथ आत्मीय संवाद किया। छात्र-छात्राओं को चॉकलेट वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।









