हाथरस। शाकुंतलम ग्रुप ऑफ एजुकेशन के अन्तर्गत संचालित शाकुंतलम कॉलेज फॉर टीचर एजुकेशन सलेमपुर व शाकुंतलम इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी कैलोरा में राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिसमें देश के अमर शहीदों को याद कर नमन किया गया।
शाकुंतलम कॉलेज फॉर टीचर एजुकेशन सलेमपुर व शाकुंतलम इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी कैलोरा के संस्थापक राधेश्याम शर्मा ने कहा कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज केवल तीन रंगों से बना एक झंडा नहीं, बल्कि देश के स्वतंत्रता संग्राम, लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और करोड़ों भारतीयों की भावनाओं का प्रतीक है । राजेश शर्मा ने कहा कि हर वर्ष 22 जुलाई को राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1947 में संविधान सभा ने सर्वसम्मति से तिरंगे को स्वतंत्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया था। बी.के. शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस केवल इतिहास को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह नई पीढ़ी को देश के स्वतंत्रता संग्राम, संविधान और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण अवसर है।
इस अवसर पर दीपांशु गर्ग, सुधीर कुमार, डॉ.सुशील, ओमवीर सिंह, चारुल कुमारी, पारस सेंगर, अभिषेक कौशिक, जीवाराम, अमित, अभिषेक, अंजलि, अनिकेत, अग्रिम, मोहित, कैफ, गोपाल, वरुण, बबलू, यश, रिचा, अंजलि, निहारिका आदि उपस्थित थे।









