हाथरस।लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला दमन करते हुए आधी रात लगभग 12 बजे पुलिस प्रशासन ने कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष पं. विवेक उपाध्याय को उनके आवास पर बिना किसी लिखित नोटिस, बिना किसी न्यायालयीय आदेश और बिना कोई वैधानिक कारण बताए हाउस अरेस्ट कर दिया।
इस कार्यवाही की कड़ी निंदा करते हुए पं.विवेक उपाध्याय ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति को रोकने का प्रयास नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। यदि प्रशासन के पास कोई वैधानिक आदेश था, तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? आधी रात को पुलिस भेजकर विपक्ष की आवाज़ दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक शासन नहीं, बल्कि भय और दमन की राजनीति का परिचायक है।।
उन्होंने कहा कि आज देश में विपक्ष की आवाज़ को कुचलने, जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलनों को रोकने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी ऐसे किसी भी दमन से डरने वाली नहीं है। जनता के अधिकारों, युवाओं, किसानों, मजदूरों और संविधान की रक्षा के लिए हमारा संघर्ष पहले से अधिक मजबूती और संकल्प के साथ जारी रहेगा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष पं. विवेक उपाध्याय ने कहा कि यदि प्रशासन को लगता है कि हाउस अरेस्ट, पुलिस का दबाव या लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर कांग्रेस की आवाज़ को दबाया जा सकता है, तो यह उनकी सबसे बड़ी भूल है। कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अंतिम दम तक संघर्ष करेगा।
उन्होंने प्रशासन से इस कार्यवाही का कानूनी आधार तत्काल सार्वजनिक करने, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा भविष्य में किसी भी नागरिक के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन न करने की मांग की।









