हाथरस। बागला संयुक्त चिकित्सालय की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ एवं विस्तारित किए जाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अतुल वत्स एवं पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा ने अस्पताल परिसर में संचालित एमडीटीवी अस्पताल में प्रस्तावित नई इमरजेंसी व्यवस्था का जायजा लिया, ताकि जनपदवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जिला अस्पताल की इमरजेंसी सीमित स्थान में संचालित हो रही है, जहां केवल 8 से 10 बेड की ही व्यवस्था उपलब्ध है। बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए अधिक से अधिक मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने तथा आवश्यकतानुसार वार्ड में स्थानांतरित करने के लिए इमरजेंसी का विस्तार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल आर्किटेक्ट से पूरे अस्पताल का तकनीकी मूल्यांकन कराया गया है। निरीक्षण के उपरांत यह सुझाव प्राप्त हुआ कि अस्पताल परिसर स्थित टीबी हॉस्पिटल भवन के भूतल पर स्थित एक वार्ड को आधुनिक इमरजेंसी के रूप में विकसित किया जा सकता है। इस व्यवस्था में टीबी अस्पताल का प्रवेश एवं संचालन पूर्णतः पृथक रहेगा, जिससे दोनों व्यवस्थाएं बिना किसी व्यवधान के संचालित हो सकेंगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित नई इमरजेंसी का स्थान निर्माणाधीन 50 बेड क्रिटिकल केयर यूनिट के ठीक निकट है। इससे गंभीर मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर बिना समय गंवाए सीधे क्रिटिकल केयर यूनिट में स्थानांतरित किया जा सकेगा, जिससे आपातकालीन उपचार व्यवस्था और अधिक प्रभावी एवं त्वरित होगी। उन्होंने कहा कि नई इमरजेंसी के लिए आवश्यक तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं तथा प्रवेश एवं निकास मार्ग सहित सभी तकनीकी पहलुओं को विशेषज्ञों के साथ अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को आपातकालीन कक्ष के स्थनांतरण की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए, जिससे शीघ्र ही आमजन को विस्तारित एवं बेहतर आपातकालीन चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल सके। इसके पश्चात् उन्होंने एसएनसीयू कक्ष का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य जिला अस्पताल की आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक, व्यवस्थित एवं अधिक सक्षम बनाना है, ताकि प्रत्येक मरीज को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो सके तथा अस्पताल की समस्त व्यवस्थाएं जनहित के अनुरूप संचालित हों।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर, मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक आदि उपस्थित थे।









