टीईटी परीक्षा की शुचिता व पारदर्शिता सर्वाेच्च प्राथमिकता है, लापरवाही स्वीकार नहीं-डीएम

हाथरस। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रयागराज द्वारा आयोजित तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी-2026) के आज दूसरे दिन प्रथम व द्वितीय पाली की लिखित परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अतुल वत्स ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के साथ सरस्वती इंटर कॉलेज एवं डीआरबी इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा केंद्रों पर बनाए गए स्ट्रांग रूम, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, सुरक्षा व्यवस्था तथा निगरानी तंत्र का विस्तार से अवलोकन किया। अधिकारियों ने कंट्रोल रूम में स्थापित सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से विभिन्न परीक्षा कक्षों में संचालित परीक्षा प्रक्रिया और परीक्षार्थियों की गतिविधियों की निगरानी करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने परीक्षा कक्षों का निरीक्षण कर बैठने की व्यवस्था, प्रश्नपत्र वितरण, परीक्षार्थियों के प्रवेश एवं अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्क्रीनिंग टीम के सदस्यों से वार्ता कर अभ्यर्थियों की स्क्रीनिंग एवं पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी सावधानी, सतर्कता एवं गुणवत्ता के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता एवं पारदर्शिता सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा राज्य स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षा है, इसलिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा, गोपनीयता एवं अनुशासन बनाए रखना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्यवाही करने तथा सभी व्यवस्थाओं पर निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने आयोजित होने वाली परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक केंद्र पर परीक्षार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, बैठने की समुचित व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध रहनी चाहिए, ताकि किसी भी अभ्यर्थी को असुविधा का सामना न करना पड़े। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा अवधि के दौरान सभी व्यवस्थाओं का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए तथा किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित, निष्पक्ष एवं पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न कराना है, जिसके लिए सभी विभाग समन्वय स्थापित कर अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करें।
पुलिस अधीक्षक ने भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं पुलिस बल को परीक्षा केंद्रों पर सतर्कता बनाए रखने, अभ्यर्थियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी और सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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