राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने बिहार के भरत तिवारी मुठभेड़ कांड की न्यायिक जांच की मांग

हाथरस। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने आज पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन ओसी कलेक्ट्रेट को सौंपा गया है। ज्ञापन में पांच सूत्रीय मांगों सहित उक्त मुठभेड़ कांड की न्यायिक जांच की मांग की गई है।

राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (राम) पार्टी द्वारा प्रदेश अध्यक्ष विश्वदीप अवस्थी (एड.)के निर्देशन पर जिलाध्यक्ष विजय कुमार शर्मा व जिला महासचिव निशांत उपाध्याय के नेतृत्व में ज्ञापन में बिहार के भोजपुर में हुई भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है। मोर्चा ने ज्ञापन के माध्यम से बिहार के भोजपुर में हुई भरत भूषण तिवारी की संदिग्ध पुलिस मुठभेड़ पर ध्यान आकर्षित किया है और संगठन का कहना है कि इस घटना से समाज में भारी आक्रोश है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए मोर्चा ने राष्ट्रपति से पांच प्रमुख मांगें की हैं। इनमें संपूर्ण प्रकरण की तत्काल उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष न्यायिक जांच शामिल है। साथ ही, निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए घटना में शामिल सभी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने की मांग की गई है।मोर्चा ने यह भी मांग की है कि यदि मुठभेड़ फर्जी साबित होती है, तो दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। इसके अतिरिक्त, पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि परिवार की जान-माल की सुरक्षा तत्काल सुनिश्चित करने की जाये। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने राष्ट्रपति से इस गंभीर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और बिहार सरकार को उचित दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।

ज्ञापन देने वालों में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (राम ) के जिलाध्यक्ष विजय कुमार शर्मा, जिला महासचिव/प्रभारी निशांत उपाध्याय (पूर्व सभासद), जिला मंत्री प्रदीप शर्मा, जिला मंत्री अतुल शर्मा, दीनदयाल शर्मा (दीनू पंडित), मधुकर गौड़, गजेंद्र, सासनी नगर अध्यक्ष महिला मोर्चा कु. प्राची, ललित और दीनदयाल उपाध्याय आदि मौजूद थे।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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