
सादाबाद। ई-रजिस्ट्री व्यवस्था और उप निबंधक कार्यालयों के कार्यों के निजीकरण के विरोध में स्टाम्प विक्रेताओं, दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी है। हड़ताल के कारण उप निबंधक कार्यालय का कामकाज पूरी तरह ठप्प हो गया है। जिससे उन छात्रों, बेरोजगार युवाओं और आम लोगों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है, जिन्हें सरकारी और अर्धसरकारी संस्थानों में आवेदन के लिए शपथ पत्र व अन्य दस्तावेज तैयार कराने हैं। हड़ताल पर बैठे लोगों को वरिष्ठ बसपा नेता डॉ. अविन शर्मा ने भी अपना समर्थन दिया है।
हड़ताल के चलते उप निबंधक कार्यालय में रजिस्ट्री सहित अन्य आवश्यक कार्य नहीं हो पा रहे हैं। दूरदराज से आने वाले लोग दिनभर कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं, नौकरी के आवेदन और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए शपथ पत्र बनवाने पहुंचे छात्र एवं अभ्यर्थी भी बिना काम हुए लौट रहे हैं। धरना दे रहे स्टाम्प विक्रेताओं और दस्तावेज लेखकों का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा लागू की जा रही ई-रजिस्ट्री व्यवस्था और निबंधन प्रक्रिया के निजीकरण से उनके रोजगार पर सीधा संकट आ गया है।
हड़ताल पर बैठे स्टांप वेंडर, दस्तावेज लेखक ने यह भी बताया कि नई डिजिटल व्यवस्था और ई-पेमेंट प्रणाली लागू होने से स्टाम्प विक्रेताओं के कमीशन में कमी आई है, जिससे उनकी आय प्रभावित हुई है।दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं का कहना है कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से पारंपरिक दस्तावेज लेखकों का कार्य लगभग समाप्त हो जाएगा।।। निबंधन कार्यालय पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रजिस्ट्री कार्यालयों के कार्यों को निजी कम्पनियो को सौंपे जाने के प्रस्ताव के विरोध में अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टाम्प विक्रेताओं एवं टाइपिंस्टो के धरना प्रदर्शन एवं कलम बन्द हड़ताल को बसपा के वरिष्ठ नेता डॉ.अविन शर्मा द्वारा भी अपना समर्थन दिया गया है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन में दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष राजकुमार दीक्षित, संजय, मानू जायसवाल, टीवी सिंह, श्यामसुंदर गिरी, वरुण जायसवाल, मुकेश शर्मा, तपन जोहर, दीपक कुमार, दिनेश बघेल, देवेंद्र कुमार, शैलेंद्र नगाइच, सुरेश कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में स्टाम्प विक्रेता एवं दस्तावेज लेखक शामिल हैं।











