
हाथरस। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत द्वारा आज तहसील सदर परिसर में लागत से कई गुना अधिक निर्धारित किए जा रहे अधिकतम विक्रय मूल्य (एमआरपी) के विरोध में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम संगठन के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर देशव्यापी आंदोलन के अंतर्गत किया गया, जिसके तहत नई दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के विभिन्न जनपदों में उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं संगठन के प्रेरणा स्रोत महापुरुषों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर किया गया। धरना-प्रदर्शन में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में अनेक उत्पादों पर लागत की तुलना में कई गुना अधिक एमआरपी अंकित की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण हो रहा है। एमआरपी निर्धारण की वर्तमान व्यवस्था में पारदर्शिता का अभाव है, जिसके कारण आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से अधिक मूल्य चुकाना पड़ता है।
वक्ताओं ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि एमआरपी निर्धारण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए तथा उत्पादों पर उत्पादन लागत, कर एवं लाभांश का स्पष्ट विवरण अंकित करने की व्यवस्था लागू की जाए, जिससे उपभोक्ताओं को वास्तविक मूल्य की जानकारी मिल सके।उन्होंने कहा कि ग्राहक पंचायत सदैव उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत रही है और भविष्य में भी जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी।
धरना-प्रदर्शन के उपरांत संगठन के पदाधिकारियों ने उप जिलाधिकारी सदर राजबहादुर सिंह के माध्यम से भारत सरकार के प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री एवं वाणिज्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में एमआरपी व्यवस्था में व्यापक सुधार करने तथा उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने हेतु आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है।
कार्यक्रम में संगठन के प्रांतीय, जिला एवं नगर स्तर के पदाधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों, किसान संघ एवं जागरूक नागरिकों ने भी सहभागिता की और आंदोलन को अपना समर्थन प्रदान किया।इस अवसर पर प्रांतीय संगठन मंत्री राजेन्द्र अग्रवाल एड., रोजगार सृजन प्रमुख अनूप अग्रवाल उदय, आरएसएस विभाग अधिकारी अजय कुलश्रेष्ठ, जिलाध्यक्ष मनोज बूटिया, जिला सचिव लोकेश अग्रवाल, जिला कोषाध्यक्ष मनोज वर्मा, जिला मंत्री अभय बंसल, नगर अध्यक्ष राम अग्रवाल, नगर सचिव श्याम अग्रवाल, पर्यावरण प्रमुख अनिल अग्रवाल, विष्णु वर्मा, व्यापारी नेता तरुण पंकज, किसान संघ से अनिल गुप्ता, भूदेव सिंह, राजकुमार पाराशर, दिनेश कुमार धनगर, भगवती प्रसाद शर्मा, गोविंद वार्ष्णेय, हिमांशु पौरुष सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल थे।












