मोतियाबिंद के 11 मरीजों को ऑपरेशन हेतु भिजवाया मथुरा

हाथरस। मथुरा के गोवर्धन रोड जचौंदा स्थित प्रतिष्ठित कल्याणं करोति नेत्र संस्थान एवं श्याम स्टील लिमिटेड, कोलकाता के संयुक्त तत्वावधान में आज शहर के स्थानीय हरि आई हॉस्पिटल में विशाल मुफ्त नेत्र चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में नेत्र मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पडी और मरीजों के नेत्र परीक्षण कर मोतियाबिंद के ऑपरेशन हेतु उन्हें चयनित किया गया।
सर्वविदित है कि इस सेवाभावी संस्था द्वारा प्रत्येक माह की 6 तारीख को यहाँ नियमित रूप से नेत्र शिविर का आयोजन किया जाता है। इसी श्रृंखला में आज आयोजित शिविर में क्षेत्र के दूर-दराज से आए कुल 121 नेत्र रोगियों ने अपना पंजीकरण कराया।शिविर में संस्थान के अनुभवी एवं वरिष्ठ नेत्र चिकित्सकों की टीम द्वारा अत्याधुनिक मशीनों से सभी 121 मरीजों के नेत्रों का अत्यंत गहन व सफल परीक्षण किया गया। जाँच के दौरान गंभीर रूप से पीड़ित मोतियाबिंद के 11 मरीजों को चिन्हित किया गया। इन सभी 11 मरीजों को बेहतर इलाज और अत्याधुनिक तकनीकों द्वारा निःशुल्क ऑपरेशन हेतु संस्थान की विशेष गाड़ी द्वारा मथुरा भेजा गया। मरीजों के रहने, खाने-पीने और ऑपरेशन की संपूर्ण व्यवस्था पूरी तरह निःशुल्क रहेगी।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व पालिकाध्यक्ष पं.आशीष शर्मा ने शिविर का अवलोकन किया और स्वयं एक-एक मरीज के पास जाकर उनका कुशलक्षेम जाना। पं. आशीष शर्मा ने मोतियाबिंद के मरीजों को हरी झंडी दिखाकर मथुरा के लिए रवाना किया। इस अवसर पर पूर्व पालिका अध्यक्ष पं.आशीष शर्मा ने कहा कि ईश्वर ने हमें जो जीवन दिया है, उसकी सार्थकता दूसरों की सेवा में ही है। नर सेवा ही नारायण सेवा के मूल मंत्र को चरितार्थ करते हुए कल्याणं करोति संस्थान और श्याम स्टील लिमिटेड द्वारा जनपद की जनता के लिए जो यह मासिक प्रयास किया जा रहा है, वह अत्यंत वंदनीय है। किसी की बुझती हुई आँखों को दोबारा रोशनी देना और उनके जीवन के अंधकार को दूर करना दुनिया का सबसे पुण्य कार्य है। हमारा सदैव यह प्रयास रहेगा कि हाथरस का कोई भी नागरिक धन के अभाव में इलाज से वंचित न रहे। मैं सभी चिकित्सकों और सेवादारों के इस पुनीत कार्य की हृदय से सराहना करता हूँ।
वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. अनुभव उपाध्याय ने कहा कि नेत्र हमारे शरीर का सबसे अनमोल रत्न हैं और ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जागरूकता की कमी या आर्थिक तंगी के कारण लोग अक्सर मोतियाबिंद जैसी बीमारियों को टालते रहते हैं, जो बाद में अंधेपन का कारण बन जाती हैं। कल्याणं करोति नेत्र संस्थान का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवा पहुँचाना है। आज जिन 11 मरीजों में मोतियाबिंद की पुष्टि हुई है, उनका मथुरा में बेहद सुरक्षित और आधुनिक फेको विधि से बिना टांके का ऑपरेशन किया जाएगा, ताकि वे जल्द से जल्द अपनी सामान्य दुनिया में लौट सकें। हम आगे भी इस प्रकार के कैंपों के माध्यम से हाथरस की जनता की सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। शिविर में डॉ.अनुभव उपाध्याय के साथ-साथ कोऑर्डिनेटर अनिल चौधरी, विशाल, पवन उपस्थित थे।











