
हाथरस नगर पालिका प्रशासन की नाकामी और उदासीनता का एक और बड़ा कारनामा सामने आया है। सरस्वती महाविद्यालय को जाने वाला मुख्य मार्ग बीते कई दिनों से जर्जर और बदहाल स्थिति में पड़ा हुआ है, लेकिन कुंभकर्णी नींद सो रहे पालिका अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। पालिका कर्मियों की लापरवाही का आलम यह है कि वे काम को अधूरा छोड़कर गायब हो गए हैं, जिससे राहगीरों, छात्र-छात्राओं और स्थानीय निवासियों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक नाले के ऊपर स्लैब डालने का कार्य बीते दो महीनों से कछुआ गति से चल रहा था। स्लैब डालने का काम जैसे-तैसे पूरा तो हुआ, लेकिन उसके बाद साइड में इंटरलॉकिंग करने का काम पालिका कर्मी अधूरा ही छोड़कर चले गए। अधूरी पड़ी सड़क के कारण आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। सबसे बड़ी घोर लापरवाही मार्ग के प्रमुख द्वार पर देखने को मिल रही है, जहां पालिका ने गंदगी का भारी अंबार लगा छोड़ दिया है। इस कीचड़ और गंदगी के कारण छात्रों और राहगीरों का पैदल निकलना तक दूभर हो चुका है।
परीक्षाओं का दौर है और सिर पर पुलिस भर्ती परीक्षा, फिर भी पालिका बेपरवाह है। महाविद्यालय में इस समय विभिन्न सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं का केंद्र बना हुआ है। 3 एवं 4 जून को प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक परीक्षा (टीजीटी) आयोजित हुई , जिसमें अभ्यर्थियों एवं परीक्षा स्टाफ को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं, आगामी दिनों में इसी महाविद्यालय में पुलिस विभाग की लिखित परीक्षा भी आयोजित होने जा रही है, जिसमें भारी संख्या में अभ्यर्थियों के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में भी मार्ग को दुरुस्त न करना नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उक्त विकट समस्या को लेकर सरस्वती महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मृदुल दीक्षित ने स्वयं संज्ञान लेते हुए नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) को कई बार फोन कर स्थिति से अवगत कराया। लेकिन अफसोस, पालिका ईओ को फोन किए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर समस्या का कोई निस्तारण नहीं किया गया। अधिकारियों का यह अड़ियल और लापरवाह रवैया साफ दर्शाता है कि उन्हें जनता और छात्रों की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है। अब देखना यह होगा कि पालिका प्रशासन जागता है कि नही या पुलिस परीक्षा के दिन अभ्यर्थियों को इसी नरक से होकर गुजरना पड़ेगा।












