गांव ततारपुर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन कथा पंडाल में भागवताचार्य ने श्रद्धालुओं को कथा भगवान श्रीकृष्ण और रूमकमणि विवाह का प्रसंग सुनाया जिसे सुन श्रद्धालु झूम उठे।
मंगलवार को छटवें दिन अयोजित श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ में समस्त ग्रामीणों ने मिलकर सामूहिक हवन-यज्ञ कर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए यज्ञ कुंड में आहुतियां दी गईं। हवन-यज्ञ की पूर्णाहुति के उपरांत मुख्य कथा की शुरुआत हुई। सुप्रसिद्ध कथा व्यास विनीता भारद्वाज ने अपनी सुमधुर आवाज में व्यासपीठ से भक्तों को भगवान श्री कृष्ण और रुक्मणी विवाह के दिव्य प्रसंग का रसपान कराया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। कथा के दौरान जब सुंदर भजनों और धार्मिक प्रसंगों की प्रस्तुति दी गई, तो पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमने और नाचने लगे। आयोजन में मुख्य यजमान के रूप में राजा परीक्षित बने राजकुमार कुशवाहा और रानी बनीं देवकौर देवी ने विधि-विधान से पोथी पूजन कर आरती उतारी, वहीं यज्ञपति चंदन सिंह कुशवाहा और महादेवी ने भी सपरिवार सम्मिलित होकर पूजा-अर्चना की। कथा के विश्राम के बाद मुख्य आरती उतारी गई और उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।












