हाथरस को पर्यटन एवं आतिथ्य के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने, निवेश व रोजगार के नए अवसर बनाने के उद्देश्य से

हाथरस। जनपद हाथरस को पर्यटन एवं आतिथ्य के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने तथा निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से टूरिज्म कॉन्क्लेव हाथरस – द बेड एंड ब्रेकफास्ट पॉलिसी का भव्य आयोजन श्री कैला फार्म्स में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा करते हुए जनपद को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार की गई।

कॉन्क्लेव के दौरान पांच विभिन्न सत्र आयोजित किए गए, जिनमें प्रथम सत्र में जनप्रतिनिधियों यथा विधायक सदर श्रीमती अंजुला सिंह माहौर, विधायक सिकंद्राराऊ वीरेन्द्र सिंह राणा, विधायक सादाबाद प्रदीप कुमार, जिलाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी प्रेम सिंह कुशवाहा, जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय लोकदल श्याम सिंह, जिलाध्यक्ष अपना दल रवि सारस्वत से संवाद, द्वितीय सत्र में प्रशासनिक अधिकारियों यथा मंडला आयुक्त अलीगढ़ मंडल अलीगढ़ संगीता सिंह, जिलाधिकारी अतुल वत्स, पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिंहा, मुख्य विकास अधिकारी पी.एन.दीक्षित से संवाद, तृतीय सत्र में उद्यमियों एवं व्यापारियों यथा देवेंद्र मोहता, प्रदीप कुमार गोयल, सुशील कुमार अग्रवाल, बांके बिहारी अग्रवाल से संवाद, चतुर्थ सत्र में अतिथि गृह एवं होटल स्वामियों यथा आशीष बंसल, मनोज कुमार, सुश्री दीक्षा, संजय अग्रवाल से संवाद तथा पंचम सत्र में वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों यथा एलडीएम राजीव कुमार, एचडीएफसी बैंक से रिहान फारूकी, एसबीआई बैंक से निरंजन मीना तथा केनरा बैंक अलीगढ़ से तेजस भरद्वाज के साथ विचार-विमर्श किया और विचार साझा किए।

टूरिज्म कॉन्क्लेव में विभिन्न सत्रों में पर्यटन विकास हेतु जनप्रतिनिधियों की भूमिका, जनपद में उपलब्ध पर्यटन संभावनाएं, होटल एवं आतिथ्य उद्योग में निवेश के अवसर, होम स्टे संचालन की संभावनाएं तथा पर्यटन परियोजनाओं के लिए बैंकिंग एवं वित्तीय सहायता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की द बेड एंड ब्रेकफास्ट पॉलिसी के अंतर्गत होमस्टे एवं आतिथ्य क्षेत्र में उपलब्ध निवेश अवसरों की जानकारी भी साझा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस नीति के माध्यम से स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार एवं रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
मंडलायुक्त ने आयोजित कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जनपद में पर्यटन विकास की संभावनाओं को बढ़ावा देना, स्थानीय उद्यमियों एवं होटल व्यवसायियों को नई पर्यटन नीतियों से जोड़ना तथा पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करना है। इस दौरान उन्होंने कहा कि धर्मिक टूरिज्म के साथ साथ इको टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जना चाहिए। इस मौके पर मंडलायुक्त ने स्वयं द्वारा लिखित पुस्तक Walking with Wings and a Camera Encounters with Birds of Aligarh जनप्रतिनिधि गणों व अधिकारियों को सप्रेम भेंट की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि हाथरस की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत को पर्यटन के माध्यम से राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में यह कॉन्क्लेव एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने होटल संचालकों, उद्यमियों, व्यापारिक संगठनों, निवेशकों एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों से सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र का विकास न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के व्यापक अवसर भी उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि आइए, हाथरस को एक जीवंत, आकर्षक एवं विकसित पर्यटन एवं आतिथ्य गंतव्य के रूप में स्थापित करने में सहभागी बनें।।
कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक, परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी, उप जिला अधिकारी, जिला पर्यटन अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, उद्योग बंधु, व्यापारी बंधु आदि उपस्थित थे।









