
सिकन्द्राराऊ कोतवाली क्षेत्र के कासगंज रोड स्थित जाह्नवी हॉस्पिटल में इलाज के बाद एक 34 वर्षीय महिला की मौत के बाद आज मामला गरमा गया। परिजनों ने अस्पताल पर गंभीर लापरवाही और गलत इलाज का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और जांच पूरी होने तक अस्पताल को सील कर दिया। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया।
बताया जाता है कोतवाली क्षेत्र के गांव निहालपुर निवासी 34 वर्षीय बंटी देवी पत्नी जितेंद्र कुमार को गत 31 मार्च को पेट में तेज दर्द होने के बाद कासगंज रोड स्थित जाह्नवी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड और अन्य जांचों के बाद पेट में गांठ और आंतों में समस्या बताई। उन्होंने एक छोटा ऑपरेशन करने की सलाह दी और परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामूली ऑपरेशन से समस्या ठीक हो जाएगी। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद बंटी देवी की हालत बिगड़ती चली गई और उनके शरीर से आंत का हिस्सा बाहर आने लगा। उन्होंने बताया कि अंदरूनी कट लगने के कारण संक्रमण और स्राव शुरू हो गया था। इसके बावजूद, अस्पताल ने पर्याप्त इलाज देने के बजाय उन्हें दवा देकर घर भेज दिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें अलीगढ़ के निजी अस्पतालों में ले गए और अंततः जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
बताया जाता है महिला की मौत के बाद आज सुबह करीब 6 बजे परिजन शव लेकर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के दौरान अस्पताल का स्टाफ मौके से नदारद हो गया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई । सूचना पाकर एसडीएम संजय कुमार एवं कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शिवकुमार शर्मा मौके पर पहुंच गए। जहां उन्होंने आक्रोशित परिजनों को समझा बुझाकर शांत किया।
पुलिस ने पहले शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। लेकिन परिजनों के विरोध और अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद शव को वापस मंगवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मौके पर पहुंचे एसडीएम संजय कुमार, कोतवाली प्रभारी शिवकुमार शर्मा और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। एसडीएम ने जानकारी दी कि प्रथम दृष्टया अस्पताल का पंजीकरण वैध पाया गया है, लेकिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के निर्देश पर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने तक अस्पताल को ताला लगवाकर बंद कर दिया गया है।












