ब्रजभाषा के प्रख्यात साहित्यकार स्तंभ एवं लोकप्रिय कवि स्व.डा. जगदीश लवानियां की पंचम पुण्यतिथि पर

प्रख्यात कवियत्री श्रृद्धा शौर्य, बलराम श्रीवास्तव, डा. रूचि चतुर्वेदी, अनिल अग्रवंशी, डा. अर्जुन सिसौदिया, अमन अक्षर, अनुराग मिश्रा गैर व लटुरी लट्ठ मचायेंगे धूमविराट अखिल भारतीय कवि सम्मेलन कलःगूंजेगी देश के प्रख्यात कवियों की वाणी

हाथरस देश के ब्रजभाषा के प्रख्यात साहित्यकार एवं कवि स्वर्गीय डॉ. जगदीश लवानियां की पंचम स्मृति दिवस पर कल 24 अप्रैल शाम को 7 बजे से रामोजी रिजॉर्ट अलीगढ़ रोड पर आयोजित होने वाले अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन में देश के प्रख्यात साहित्यकार व नामचीन कवियों द्वारा अपने काव्य के माध्यम से जहां स्वर्गीय डॉ. लवानियां को श्रद्धांजलि अर्पित की जायेगी। वही देश की विभिन्न समस्याओं व मुद्दों पर प्रहार करते हुए जनता को आनंदित किया जाएगा।
देश के ब्रजभाषा के प्रख्यात साहित्यकार एवं कवि स्वर्गीय डॉ. जगदीश लवानियां की पंचम स्मृति दिवस पर कल 24 अप्रैल को आयोजित होने वाले अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन के आयोजन को लेकर स्वर्गीय डॉ.जगदीश लवानियां के ज्येष्ठ पुत्र एवं असिस्टेंट कमिश्नर एक्साइज प्रगल्भ लवानिया, अनुज पुत्र व सीनियर मैनेजर एचआर ललित लवानिया, कार्यक्रम संयोजक एंव पुत्रवधु डॉ. प्रीति लवानिया एवं कार्यक्रम सह संयोजक चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने आज आयोजित प्रेस वार्ता में संयुक्त रूप से अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि ब्रजभाषा के मूर्धन्य कवि स्वर्गीय डॉ. जगदीश लवानिया के पंचम स्मृति दिवस के अवसर पर कल 24 अप्रैल को सायं 7 बजे से रामोजी रिजॉर्ट अलीगढ़ रोड निकट नवग्रह मंदिर के पास में भव्य विराट अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का जिस प्रकार प्रचार प्रसार किया जा रहा है, उससे साहित्य प्रेमियों में कार्यक्रम को लेकर विशेष उत्साह व्याप्त है।
पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि इस अवसर पर स्वर्गीय डॉ. जगदीश लवानिया स्मृति सम्मान 2026 से ब्रजभाषा की वरिष्ठ कवियत्री डॉ. रुचि चतुर्वेदी (आगरा) को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही कार्यक्रम में देश के वरिष्ठ गीतकार डॉ. विष्णु सक्सेना का सानिध्य प्राप्त होगा।
उन्होंने बताया कि विराट अखिल भारतीय कवि सम्मेलन मे देशभर के प्रतिष्ठित कवि एवं कवित्रियाँ अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जिनमें प्रमुख रूप से मैनपुरी से गीतकार बलराम श्रीवास्तव, हरियाणा से हास्य कवि अनिल अग्रवंशी, बुलंदशहर से ओज कवि डॉ. अर्जुन सिसोदिया, इंदौर से गीतकार अमन अक्षर, आगरा से गीतकार डॉ. रुचि चतुर्वेदी, नागपुर से वीर रस की कवयित्री श्रद्धा शौर्य, अंबेडकर नगर से गजलकार अनुराग मिश्रा गैर एवं टूंडला से हास्य कवि लटूरी लट्ठ शामिल रहेंगे। अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में अधिकतर कवि प्रथम बार हाथरस आ रहे हैं और नई प्रतिभाओं में इंदौर से गीतकार अमन अक्षर इस समय काफी प्रसिद्ध हैं। कवि अमन अक्षर जहां पूरी दुनिया में भगवान राम के गीत से छाए हुए हैं। वहीं ओज के माध्यम से जोश भरने वाली कवियत्री श्रद्धा शौर्य भी पहली बार हाथरस आ रही है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा, मुख्य विकास अधिकारी पी.एन. दीक्षित एवं उप जिलाधिकारी सदर राजबहादुर सिंह शामिल होंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अधिकारियों के रूप में अधीक्षण अभियंता (विद्युत विभाग) अजीत कुमार सिंह, डिप्टी कमिश्नर (जीएसटी) आर.के. सिंह, आयकर अधिकारी सुधीर कुमार, एआरटीओ लक्ष्मण प्रसाद, अधिशासी अभियंता (विद्युत विभाग) संदीप कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी जरीना बानो, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहित सिंह एवं अग्निशमन अधिकारी दीपक कुमार मौजूद रहेंगे। इसके अतिरिक्त ब्रज कला केंद्र के केंद्रीय पदाधिकारी विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे, जिनमें गजेंद्र शर्मा (केंद्रीय उपाध्यक्ष), दीपक गोयल (केंद्रीय उपाध्यक्ष), उर्वशी मित्तल (केंद्रीय उपाध्यक्ष, ब्रज धाम), राजेंद्र प्रसाद बंसल (केंद्रीय महामंत्री), विश्वनाथ अग्रवाल (मंत्री, दिल्ली शाखा), वीरेंद्र गोयल (केंद्रीय कोषाध्यक्ष), उमेश गोयल (केंद्रीय मंत्री, ब्रज धाम) एवं राजेंद्र कुमार अग्रवाल (केंद्रीय संयुक्त मंत्री) प्रमुख हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार आशु कवि अनिल बोहरे करेंगे। पत्रकार वार्ता के दौरान ब्रज कला केंद्र के उपाध्यक्ष पं. अविनाशचंद पचैरी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर कार्यक्रम सह-संयोजक एवं ब्रज कला केंद्र के अध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने बताया कि कार्यक्रम को अभूतपूर्व बनाने के लिए निरंतर व्यवस्थाओं को उत्कृष्ट एवं सुदृढ़ किया जा रहा है। और निस्संदेही डॉ. जगदीश लवानिया का साहित्य के प्रति जो योगदान और सेवाएं थी, जिसके लिए आज हम सब उन्हें नमन कर रहे हैं और इसके लिए उनके परिवार में उनके पुत्र प्रगल्भ लवानिया और ललित लवानिया धन्यवाद के पात्र हैं और विशेष रूप से उनकी पुत्रवधू डॉ. प्रीति लवानिया जो आज नई पीढ़ी को उनकी सेवाओं से प्रेरणा लेने का अवसर दे रहे हैं और आज उनके बच्चों ने जो अपने-अपने क्षेत्र में विशेष मुकाम हासिल किया है, उसके लिए डॉ. जगदीश लवानिया की सेवा और त्याग अतुलनीय है।
आयोजकों ने हाथरस के समस्त साहित्य प्रेमियों, बुद्धिजीवियों एवं समाजसेवियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर स्वर्गीय डॉ. लवानिया को श्रद्धासुमन अर्पित करें तथा कार्यक्रम को सफल बनाएं और कब सम्मेलन का आनंद लें।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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