भारत रत्न डा.भीमराव रामजी अंबेडकर की 135वीं जयंती पर कलेक्ट्रेट में भव्य आयोजन

संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी व उत्तरदायित्व के साथ करें-डीएम
हाथरस-14 अप्रैल। भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर जी की 135 वीं जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम के मौके पर जिलाधिकरी अतुल वत्स, अपर जिलाधिकारी डा.बसंत अग्रवाल, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट लवगीत कौर सहित अन्य अधिकारियों/कर्मचारियों ने डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर जी के छवि चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा पूर्वक नमन किया।
जिलाधिकारी ने डॉ.भीमराव रामजी अंबेडकर जी को श्रद्धापूर्वक नमन करने के साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को अंबेडकर जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संविधान तभी प्रभावी और श्रेष्ठ सिद्ध होगा, जब संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं उत्तरदायित्व के साथ करेंगे। उन्होंने सभी से अपेक्षा की कि वे अपने-अपने दायित्वों को गंभीरता से निभाते हुए संविधान की गरिमा को बनाए रखें। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा जन्म से मंदबुद्धि नहीं होता, बल्कि उसकी पहचान और सफलता उसकी मेहनत, लगन एवं सतत प्रयासों से निर्धारित होती है। यदि व्यक्ति सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करता है, तो वह जीवन में कभी पीछे नहीं रहता।
उन्होंने कहा कि अंबेडकर जी के जीवन से हम सबको कुछ न कुछ अवश्य सीखना चाहिए और प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य होना चाहिए कि हम जीवन में क्या बनेंगे। अपनी जिम्मेदारी और दायित्व का निर्वहन पूर्ण निष्ठा के साथ करते हुए अपना व अपने परिवार और राष्ट्र के भाग्य के निर्माण में अहम योगदान दे सकें। उन्होनें कहा कि सामाजिक न्याय की अवधारणा को मजबूत कर वंचित तबके के बदलाव और हक की लड़ाई लड़ने वाले बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का सामाजिक परिवर्तन में अमूल्य योगदान रहा है। जयंती पर उनके सामाजिक बदलाव के सपने को पूरा करने के लिए संकल्प लेने की जरूरत है। उनके विचारों को आगे ले कर जाना अैर कमजोर वर्ग के लोगों की मदद कर उनके सपनों को पूरा करने में अपना अहम योगदान दें।
उन्होंने कहा कि अंबेडकर जी की संविधान निर्माण में अहम भूमिका थी। उन्होंने शोषित, कमजोर वर्ग, वंचित, दलित, आर्थिक रूप से कमजोर एवं महिलाओं के उत्थान के लिए हमेशा कार्य किया है और शिक्षा पर विशेष रूप से जोर दिया। डा. भीमराव रामजी अंबेडकर जी का कहना था कि ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो’। उन्होंने कहा कि डा. बी.आर.अंबेडकर जी के योगदान को जितना सराहा जाए उतना कम है। हम सब मिलकर उनके विचारों को आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे, बाबा साहब के विचारों को न केवल याद रखें, बल्कि अपने जीवन में आत्मसात करें। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही हम एक सशक्त, समान और समावेशी समाज का निर्माण कर सकते हैं।
इस मौके पर अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, वरिष्ठ कोषाधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला सैनिक कल्याण बोर्ड अधिकारी, कलेक्ट्रेट बार एसोशिएशन के सेकेट्री दीपक पचैरी, जिलाधिकारी पेशकर प्रताप चैधरी, कल्पना शर्मा, स्नेह लता तथा अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने-अपने विचार व्यक्त करने के साथ ही डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर जी को उनकी जयंती के अवसर पर शत-शत नमन कर कहा कि उनका जीवन एक प्रेरणा का श्रोत है। एक ऐसा जीवन, जिसमें कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। शिक्षा को अपना हथियार बनाकर उन्होंने समाज में समानता, न्याय और मानवाधिकारों के लिए संघर्ष किया। वे हमारे संविधान निर्माता थे, जिन्होंने एक ऐसा संविधान तैयार किया जिसमें हर नागरिक को समान अधिकार मिले। कार्यक्रम के दौरान डॉ.भीमराव अम्बेडकर जी के जीवन परिचय पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का संचालन मोनिका गौतम द्वारा किया गया।
इस मौके पर अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, जिला सूचना अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी, जिला सैनिक कल्याण बोर्ड अधिकारी, ई डिस्ट्रिक्ट मैनेजर तथा कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित विभागों के अधिकारियों/ कर्मचारियों ने डॉ.भीमराव रामजी आंबेडकर जी के छवि चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा पूर्वक नमन किया।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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