मुख्य विकास अधिकारी पी०एन० दीक्षित ने गांव समामई रूहल स्थित गौ संरक्षण स्थल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने मौके पर मौजूद ग्राम पंचायत सचिव विदेश शर्मा के साथ गौशाला के अभिलेखों और भौतिक स्थिति की पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान गौशाला में कुल एक सौ इक्यासी गौवंश संरक्षित पाए गए। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान एक गौवंश बीमार मिला, जिसे अन्य पशुओं से अलग कर डॉक्टर के माध्यम से उपचार दिलाने के निर्देश दिए गए।सीडीओ ने निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने निर्माणाधीन वृहद शेड को आगामी पंद्रह अप्रैल तक हर हाल में पूर्ण करने तथा एक सौ सत्तर फीट लंबे दूसरे शेड के कार्य में तेजी लाने को कहा। सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु उन्होंने शेड की चरही में चार इंच मोटाई का पाइप लगाकर जल निकासी सुनिश्चित करने, वेस्ट वाटर के लिए सोखपिट बनाने और शेड में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने के निर्देश दिए। परिसर की सुरक्षा के लिए सीमेंट के खंभों से बाउंड्रीवॉल का कार्य प्रगति पर पाया गया, जबकि रिक्त स्थान पर सघन वृक्षारोपण और गौशाला के तालाब को पानी से भरवाने की हिदायत दी गई। चारे की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए सीडीओ ने बताया कि स्टॉक में बाइस कुंतल भूसा उपलब्ध है और प्रतिदिन हरा चारा मुहैया कराया जा रहा है। उन्होंने ग्राम पंचायत में मिली चार हेक्टेयर चरागाह भूमि का लेखपाल से मापांकन कराकर वहां हरा चारा बोने के आदेश दिए। साथ ही, गोबर की बिक्री से होने वाली आय को नियमित रूप से गौशाला के खाते में जमा करने और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई संतोषजनक मिली और सुरक्षा की दृष्टि से वहां लगे तीन सीसीटीवी कैमरे व तैनात आधा दर्जन केयर टेकरों की उपस्थिति भी दर्ज की गई इस संबंध में खंड विकास अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।












