शहीदों के लहू से आज़ादी का इतिहास लिखा गया,हर भारतवासी के दिल में इंकलाब आज भी जिंदा रहा।

हाथरस।शहीद दिवस के अवसर पर ब्रज कला केन्द्र के बैनरतले अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव की 95वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद पार्क में स्थापित तीनों क्रांतिकारियों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर किया गया।।
इस अवसर पर कवि सम्मेलन आशुकवि अनिल बौहरे की अध्यक्षता एवं चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के संयोजन एवं संचालन में आयोजित हुआ।आशु कवि अनिल बौहरे ने पढ़ा —भगत सुख राज ने स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त किया,स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन को निज बलिदान किया।संस्था के अध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने काव्य पाठ के माध्यम से शहीदों को नमन करते हुए कहा —जिनके साहस से आज़ादी का सूरज मुस्काया है,उन वीरों का बलिदान हर युग ने शीश झुकाया है।कार्यक्रम में साहित्यकारों ने भी अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की।श्याम बाबू चिंतन ने कहा —आज शहीद दिवस पर शहीदों को नमन करें,उनके बनाये रास्ते पर अनुगमन करें।पूरन सागर ने पढ़ा —वतन की आबरू को जो हंसकर फांसी झूल गये,अपनी खुशी सपने देश की खातिर भूल गये।रोशनलाल वर्मा ने कहा —है हिमालय से ऊंचा शहीदों आपका सर,भेजता हूं मैं मरुध से ऐ जवानों नीर का स्वर।
प्रभू दयाल दीक्षित प्रभू ने पढ़ा —वीर शहीदों ने दिया प्राणों का बलिदान,
शत-शत नमन उनको कहता रहेगा हिन्दुस्तान।।
वीना गुप्ता एडवोकेट ने कहा —शहीदों की बदौलत चमन है,
वतन को शत-शत नमन है।देवेन्द्र शर्मा पूपू पंडित ने भगत सिंह के त्याग को याद करते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।श्रद्धांजलि देने वाले वक्ताओं में गिर्राज सिंह गहलोत एवं आमना बेगम ने कहा कि शहीदों के बलिदान से ही आज हम गर्व से सीना उठाकर जीवन जी रहे हैं।।
इस अवसर पर जयशंकर पाराशर, पं. ऋषि कुमार कौशिक, हरीशंकर वर्मा, कपिल नरूला, पीयूष अग्निहोत्री, संतोष उपाध्याय सहित अनेक लोग मौजूद थे।












